परमहंस योगाश्रम में वार्षिक महोत्सव का भव्य समापन, स्वामी कृष्णानन्द सरस्वती महाराज बोले— गुरु के बिना आत्मज्ञान संभव नहीं, गुरु ही अज्ञान से ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं