ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 3 से 6 जुलाई के बीच आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भारत की विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। महबूबा मुफ्ती ने इसे अपने जीवन का “एक बार मिलने वाला सम्मान” बताते हुए कहा कि वह तेहरान जाकर खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देंगी।
भारत से कई प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
ईरान ने महबूबा मुफ्ती के अलावा भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी के नेताओं के साथ जैन संत आचार्य लोकेश मुनि को भी आमंत्रित किया है। भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
ईरानी प्रशासन का अनुमान है कि अंतिम यात्रा में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो यह ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार माना जाएगा।
4 जुलाई से शुरू होगी अंतिम यात्रा
खामेनेई की अंतिम यात्रा 4 जुलाई से शुरू होगी। तेहरान के ग्रैंड मोसाल्ला में आम जनता के अंतिम दर्शन के बाद जुलूस राजधानी की प्रमुख सड़कों से निकलेगा। यह यात्रा देश के राजनीतिक और धार्मिक नेतृत्व को अंतिम सम्मान देने का प्रतीक मानी जा रही है।
अंतिम यात्रा केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहेगी। जनाजा शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक केंद्र कोम, कर्बला और नजफ भी ले जाया जाएगा। कोम ईरान में शिया शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र है, जबकि कर्बला और नजफ इराक के सबसे पवित्र शिया धार्मिक स्थलों में शामिल हैं।
मशहद में होगा सुपुर्द-ए-खाक
9 जुलाई को अयातुल्ला अली खामेनेई को ईरान के पवित्र शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इमाम रजा की दरगाह के लिए प्रसिद्ध मशहद खामेनेई का जन्मस्थान भी है। इसी कारण उनके अंतिम विश्राम स्थल के लिए इस शहर का चयन किया गया है। यह राजकीय अंतिम संस्कार न केवल ईरान बल्कि वैश्विक शिया समुदाय के लिए भी एक ऐतिहासिक और भावनात्मक अवसर माना जा रहा है।
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