अयोध्या. लगातार हो रही बारिश ने अयोध्या की चमचमाती तस्वीर पर पानी फेर दिया है. एक ओर जहां राम मंदिर और आसपास के क्षेत्र को विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी बनाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई और लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
बारिश से जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और अयोध्या मंडल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था. लगातार बरसात और गरज-चमक के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया. राम मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग, हनुमानगढ़ी चौराहा और श्रीराम अस्पताल के आसपास जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की तेज बारिश ने ही शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी.
ड्रेनेज सिस्टम पर उठे सवाल
जलभराव के बाद शहर के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि अयोध्या के विकास पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन यदि बारिश के कुछ घंटों में ही सड़कें तालाब बन जाएं तो यह चिंता का विषय है. कई जगह पानी भरने से दुकानदारों और राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ी.
बारिश से गर्मी से राहत, लेकिन मुश्किलें बढ़ीं
बारिश के कारण तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की गई है और उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है. लेकिन राहत के साथ जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आ गईं. कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल चलने वालों को भी घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा.
अगले कुछ दिन भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है. ऐसे में प्रशासन को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत होगी. वहीं नागरिकों को भी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.

