पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस बार का मुख्य लक्ष्य पिछले चुनावों के मुकाबले मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है और एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत घर-घर जाकर मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा।
घर-घर जाकर प्रेरित करेंगे बीएलओ
प्रशासन की योजना के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) केवल मतदाता पर्ची वितरित करने तक सीमित नहीं रहेंगे। वे प्रत्येक घर में जाकर मतदाताओं से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। विशेष रूप से उन शहरी इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां पिछले चुनावों में मतदान का प्रतिशत कम रहा था। ऐसे चिन्हित बूथों पर स्वीप (सिस्टेमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) अभियान को और अधिक आक्रामक तरीके से चलाया जाएगा।
व्यापक जागरूकता अभियान की रूपरेखा
स्वीप के वरीय पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त शुभम कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। लोकतंत्र के महापर्व में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
- प्रचार-प्रसार: प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे।
- सामुदायिक जुड़ाव: जागरूकता रैलियां, कॉलेज स्तर पर विशेष कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संवाद आयोजित किए जाएंगे।
- रचनात्मक गतिविधियां: मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए जागरूकता रथ, मतदान की शपथ, रंगोली प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन और सेल्फी पॉइंट जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- डिजिटल सक्रियता: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर युवाओं और तकनीक प्रेमी मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी।
उप विकास आयुक्त ने इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर एक वोट कीमती है। प्रशासन का प्रयास है कि जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने में सफलता मिले।
चुनाव कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू
उपचुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कर्मियों को तैयार किया जा रहा है। समाहरणालय में मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण पहले ही शुरू हो चुका है, जो 15 जुलाई तक जारी रहेगा। इन मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षित होने के बाद, वे जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले मतदान दल के अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनावी प्रक्रिया की बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे। 16 जुलाई से इन चुनावी कर्मियों का प्रशिक्षण सत्र विधिवत शुरू हो जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक न हो।

