पटना। जिले की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा की गई जांच के बाद जनशक्ति जनता दल (JJD) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। तेजप्रताप यादव द्वारा समर्थित मानवी के नामांकन में कई तकनीकी खामियां पाई गईं जिसके कारण यह कार्रवाई हुई।

​नामांकन रद्द होने का मुख्य कारण

निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार के नामांकन के लिए 10 प्रस्तावकों का होना अनिवार्य है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार वीणा मानवी के मामले में केवल 9 प्रस्तावक ही उपस्थित हो सके। अनिवार्य संख्या पूरी न होने के कारण नामांकन प्रक्रिया तकनीकी रूप से अमान्य हो गई। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में भी कई त्रुटियां पाई गईं। जानकारी मिलते ही तेजप्रताप यादव स्थिति का जायजा लेने पटना कलेक्ट्रेट पहुंचे।

​कुल 18 नामांकन खारिज, चुनावी दौड़ से बाहर हुए प्रत्याशी

बांकीपुर सीट पर उपचुनाव के लिए कुल 57 दावेदारों ने पर्चे दाखिल किए थे। निर्वाचन कार्यालय की स्क्रूटनी के बाद 18 उम्मीदवारों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। इसमें वीणा मानवी के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार प्रिया किन्नर का नाम भी शामिल है। अब मैदान में 39 वैध उम्मीदवार शेष बचे हैं जिनमें RJD की रेखा कुमारी गुप्ता प्रमुख हैं।

​वीणा मानवी की कानूनी मुश्किलें

वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने के साथ ही उनकी कानूनी चुनौतियां भी चर्चा में हैं। सोमवार को नामांकन के तुरंत बाद पटना पुलिस ने उन्हें धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई। उनके खिलाफ 2009 का एक परिवाद और 2016 का धोखाधड़ी एवं एससी/एसटी एक्ट का मामला लंबित है। साथ ही, 26 फरवरी 2026 को पटना सिविल कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।

​विपक्ष पर साजिश का आरोप

नामांकन रद्द होने से नाराज निर्दलीय उम्मीदवार प्रिया किन्नर ने इसे विपक्ष की सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामूली हस्ताक्षर की कमी का बहाना बनाकर उनके नामांकन को खारिज किया गया है। उन्होंने कहा कि वे एक शिक्षित उम्मीदवार हैं और अपने समाज का प्रतिनिधित्व कर रही हैं जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।