पटना। राजधानी के बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में आज से जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का भक्तिमय शुभारंभ हो गया है। आगामी तीन दिनों तक मंदिर परिसर में प्रभु जगन्नाथ की महिमा का गुणगान किया जाएगा। इस विशेष महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।
तीन दिवसीय कथा और विशेष आयोजन
महोत्सव के पहले चरण में तीन दिनों तक जगन्नाथ कथा का आयोजन किया जा रहा है। ओडिशा से पधारे कृष्ण चैतन्य स्वामी महाराज अपने मुखारविंद से भक्तों को प्रभु की लीलाओं और जगन्नाथ कथा का रसपान कराएंगे। इस आयोजन के लिए वृंदावन और मायापुर से आए कीर्तन मंडलियां विशेष रूप से जुड़ रही हैं।
हाइड्रोलिक तकनीक से लैस होगा 40 फीट ऊंचा रथ
इस्कॉन के टीएमसी को-चेयरमैन रमन मनोहर दास ने जानकारी दी कि इस वर्ष भगवान 40 फीट ऊंचे आधुनिक हाइड्रोलिक रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस रथ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तकनीक है; मार्ग में आने वाले बिजली के तारों, खंभों या पेड़ों जैसी बाधाओं को देखते हुए जरूरत पड़ने पर इस रथ की ऊंचाई को तुरंत कम या ज्यादा किया जा सकेगा। इससे यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न होगी।
16 जुलाई का विस्तृत कार्यक्रम
- महोत्सव का मुख्य आकर्षण 16 जुलाई को देखने को मिलेगा:
- दोपहर 1:00 बजे: भगवान की विशेष पूजा और महाआरती।
- दोपहर 3:00 बजे: भव्य रथयात्रा का प्रस्थान।
- अखंड कीर्तन: दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक मंदिर परिसर और रथ मार्ग पर अनवरत भजन-कीर्तन गूंजेंगे।
- महाभोग: भगवान जगन्नाथ को क्रेन के माध्यम से 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया जाएगा।
हेलिकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा
प्रभु के स्वागत के लिए पूरे रूट को आकर्षक रंगोली और तोरण द्वारों से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के उत्साह को दोगुना करने के लिए रथ यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर से भगवान और भक्तों पर लगातार पुष्प वर्षा की जाएगी। इस यात्रा में पटना और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 4 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है।
इस्कॉन प्रबंधन ने सभी भक्तों से इस दिव्य रथयात्रा में शामिल होने की अपील की है। मान्यता है कि रथ की डोरी खींचने मात्र से ही भक्तों के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और प्रभु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

