हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के एक गांव में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ रेप का प्रयास करने का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए हिसार के पुलिस अधीक्षक यानी एसपी को लिखित शिकायत सौंपी है। पीड़ित मां का आरोप है कि घटना के 3 दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय उकलाना थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई या मुकदमा दर्ज नहीं किया है। उल्टा पीड़ित परिवार पर मामले को दबाने और समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता की मां ने एसपी से गुहार लगाई है कि उनकी सुध ली जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए बने विशेष कानून पॉक्सो एक्ट, अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी एससी एसटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। एसपी ने इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

500 रुपए का नोट दिखाकर कमरे में बुलाया

एसपी को दी गई शिकायत में उकलाना थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने बताया कि 29 जून की दोपहर करीब 12 बजकर 30 मिनट पर उनकी 10 साल की बेटी खाली नहर के पास खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस के खेत में ज्वार काट रहा आरोपी बलबीर वहां आ धमका। आरोप है कि बलबीर ने मासूम बच्ची को 500 रुपए का नोट दिखाया और गलत नीयत से अश्लील हरकत करने के लिए उसे अपने कमरे में बुलाने का प्रयास करने लगा।

मना करने पर जबरन घसीटा और थप्पड़ मारे

शिकायत के अनुसार जब मासूम बच्ची ने उसके कमरे में जाने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी बलबीर आपा खो बैठा। उसने बच्ची को जबरन खींचना शुरू कर दिया और जब बच्ची ने खुद को छुड़ाने का विरोध किया तो आरोपी ने उसे थप्पड़ भी मारे। बच्ची ने किसी तरह हिम्मत दिखाई और उसका हाथ छुड़ाकर शोर मचाते हुए वहां से भाग निकली। वह भागकर सीधे अपनी मां के पास पहुंची और रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। जब पीड़िता की मां आरोपी के पास इस बात की शिकायत लेकर गई, तो आरोपी उल्टा उन पर ही भड़क गया। आरोप है कि उसने महिला को सरेआम अपमानित किया और समाज में नीचा दिखाने के लिए जातिसूचक गालियां भी दीं।

पीड़ित मां ने लगाए पुलिस पर मिलीभगत के आरोप

पीड़िता की मां ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मां ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने 112 नंबर डायल कर पुलिस को मौके पर बुलाया था, लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया। इसके बाद 29 जून को ही उकलाना थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस केस दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। महिला ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी बलबीर के पक्ष में उसके परिवार के कुछ रसूखदार लोग और उसका भाई, जो खुद को किसान नेता बताता है, लगातार पीड़ित परिवार पर इस मामले को रफा दफा करने का भारी दबाव बना रहे हैं। महिला का आरोप है कि इसी ऊंचे संपर्कों के कारण स्थानीय पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।

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