बेगूसराय। बहन के अपहरण मामले में कोर्ट में बयान दर्ज कराने जा रहे एक भाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने पहले मृतक को धमकी दी थी कि वह अपनी बहन को बयान बदलने और केस वापस लेने के लिए कहे, लेकिन भाई के नहीं मानने पर बदमाशों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।

​बहन के अपहरण के बाद शुरू हुआ विवाद

​मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना साहेबपुरकमाल थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव की है। स्व. चंद्रिका राय की नाबालिग बेटी (गोलू की बहन) का 31 जुलाई की सुबह करीब 3 बजे गांव के ही कुछ लोगों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर 1 अगस्त को साहेबपुरकमाल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 अगस्त को लड़की को सकुशल बरामद कर लिया था।

​कोर्ट जाने के दौरान रास्ते में रोका और दी धमकी

​लड़की की बरामदगी के बाद 3 अगस्त को पुलिस उसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए बेगूसराय कोर्ट ले जा रही थी। नाबालिग का 18 वर्षीय भाई गोलू कुमार अपनी आर15 बाइक से पुलिस की गाड़ी के पीछे-पीछे कोर्ट जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में नामजद आरोपियों ने गोलू को रोककर धमकाया कि वह अपनी बहन को बयान बदलने और केस वापस लेने के लिए कहे, अन्यथा उसे जिंदा कोर्ट नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

​धारदार हथियार से सिर पर वार कर उतारा मौत के घाट

​धमकी के बावजूद जब गोलू अपनी जिद पर अड़ा रहा और कोर्ट की तरफ बढ़ने लगा, तो बदमाशों ने सुनियोजित तरीके से उसे रास्ते में घेर लिया। 2-3 अज्ञात और नामजद बदमाशों ने मिलकर धारदार हथियार से गोलू के सिर पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती दौर में लोगों को यह एक सड़क दुर्घटना लगी, लेकिन अगले दिन 4 अगस्त को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया कि यह एक सोची-समझी हत्या थी।

​परिजनों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, एनएच जाम

​घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। जब देर रात गोलू का शव उसके पैतृक गांव रघुनाथपुर पहुंचा, तो परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित लोगों ने 4 अगस्त को करीब एक घंटे तक नेशनल हाईवे (NH) को पूरी तरह जाम रखा।

​चश्मदीद गवाह और पुलिस की कार्रवाई

​इस जघन्य हत्याकांड का एक चश्मदीद गवाह भी सामने आया है। गांव के ही विवेक राय के पुत्र प्रिंस कुमार, जो पीछे से आ रहे थे, उन्होंने आरोपियों को गोलू पर हमला करते हुए देखा था। डर के मारे वे वहां से भाग निकले और बाद में परिजनों को इस घटना की जानकारी दी। मृतक के चाचा सच्चिदानंद राय के लिखित आवेदन पर लाखो थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकित कुमार को पहले ही जेल भेज दिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों प्रिंस यादव और बाबुल यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को सौंपी गई है।