कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में साल 2022 के बहुचर्चित पेट्रोल कांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। मकान के बंटवारे के विवाद में अपनी ही भाभी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने वाले आरोपी देवर को अदालत ने हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
दरअसल, मामला 3 नवंबर 2022 का है। जनकगंज थाना क्षेत्र के नया पुरा इलाके में मकान के बंटवारे को लेकर देवर और भाभी के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि देवर मनोज माहौर ने पहले बोतल में लाया गया पेट्रोल अपनी भाभी उषा माहौर पर डाला और फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी उषा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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मौत से पहले मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए अपने मृत्युपूर्व बयान में उषा ने साफ तौर पर अपने देवर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। यही बयान इस मामले का सबसे अहम सबूत बना। सुनवाई के दौरान मृतका के पति, बेटे, बेटी और अन्य परिजन अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए, लेकिन अभियोजन पक्ष ने मृत्युपूर्व बयान और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत में आरोप साबित किए।
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ऐसे में विशेष न्यायाधीश महिला अपराध की अदालत ने आरोपी मनोज माहौर को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला मृत्युपूर्व बयान को महत्वपूर्ण सबूत मानते हुए सुनाया गया।

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