भागलपुर। जिले के बाइपास थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तीनों की मौके पर ही गंभीर रूप से हालत बिगड़ गई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
ओवरटेक करने के दौरान हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम बाइपास फोर लेन पर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण तेज रफ्तार वाहन द्वारा ओवरटेक करना बताया जा रहा है। बस जब एक-दूसरे वाहन को ओवरटेक कर रही थी, तभी उसकी चपेट में बाइक आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके पर बस छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही बाइपास थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बस को अपने कब्जे में ले लिया।
बचपन के दोस्त थे तीनों मृतक
मृतकों की पहचान अलीगंज बबरगंज के रहने वाले 18 वर्षीय आशुतोष कुमार, सावन कुमार और 17 वर्षीय अंशु कुमार यादव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, तीनों बचपन के गहरे दोस्त थे और एक-साथ पढ़ाई करते थे। शनिवार शाम करीब छह बजे तीनों घर से बाइक लेकर निकले थे। परिजनों को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वे कहां जा रहे हैं। जब काफी देर तक वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सभी के फोन अनपहुंच या रिसीव नहीं हो रहे थे।
5 घंटे बाद मिली मनहूस खबर
मृतक सावन के भाई रघुवीर ने बताया कि शाम को जब घर पर बाइक नहीं दिखी, तब उन्हें पता चला कि वह बाहर गया है। जब उसने सावन को फोन किया तो उसने बताया कि वह अंशु और आशुतोष के साथ है। इसके बाद देर रात तक जब कोई सुराग नहीं मिला और फोन भी नहीं उठे, तो परिवार वाले चिंतित हो गए। आखिरकार घटना के करीब पांच घंटे बाद, रात करीब 11 बजे बाइपास थाने से पुलिस का फोन आया। पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दी और उन्हें तुरंत मायागंज अस्पताल बुलाया।
सिर में गंभीर चोट और हेलमेट न पहनना बना जानलेवा
मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही तीनों युवकों की सांसें थम चुकी थीं। जांच में सामने आया कि दुर्घटना के दौरान तीनों के सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बनीं। सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि हादसे के वक्त तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। यदि उन्होंने हेलमेट पहना होता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।
पढ़ाई में होनहार थे युवक
हादसे में जान गंवाने वाले युवकों का शैक्षणिक बैकग्राउंड भी सामने आया है। आशुतोष और अंशु ग्रेजुएशन पार्ट-सेकंड के छात्र थे और अपनी उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे थे। वहीं, सावन कुमार ने बीच में पढ़ाई कुछ समय के लिए छोड़ दी थी और वर्तमान में वह 11वीं कक्षा का छात्र था। एक साथ तीन होनहार दोस्तों की इस तरह अचानक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



