भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने एक व्यापारी को करीब 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर पुलिस कार्रवाई और आतंकी कनेक्शन का डर दिखाया। आरोपियों ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर व्यापारी को फोन किया और उसके बैंक खाते में 50 लाख रुपये जमा होने की बात कहते हुए जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवाई। व्यापारी के मुताबिक, इस दौरान उससे करीब 4 लाख रुपये की ठगी की गई।

पुलिस इंस्पेक्टर बनकर आया फोन, आतंकी कनेक्शन का डर दिखाया

बयाना निवासी व्यापारी चंद्रभान गुप्ता पुत्र रोशन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे उसके मोबाइल पर फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को इंस्पेक्टर राजेंद्र त्रिपाठी बताया।

आरोपी ने व्यापारी से कहा कि उसके संबंध आतंकी आसिफ फाकी से हैं और उसने बांद्रा स्थित केनरा बैंक में एक खाता खुलवा रखा है, जिसमें करीब 50 लाख रुपये जमा हैं। आरोपी ने यह भी कहा कि उसने खाते से 10 लाख रुपये कमीशन के तौर पर लिए हैं। इसके बाद केस दर्ज होने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर व्यापारी को कथित जांच के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया।

एफडी तुड़वाकर पहले 4 लाख रुपये करवाए ट्रांसफर

शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने व्यापारी से कहा कि उसके सभी बैंक खातों और संपत्ति की जांच की जाएगी। इसके बाद तत्काल एक बैंक खाते में 4 लाख रुपये जमा करने को कहा गया।

डर के चलते व्यापारी ने अपनी एक-एक लाख रुपये की चार एफडी तुड़वाईं और आरोपी के बताए खाते में कुल 4 लाख रुपये जमा कर दिए। व्यापारी के अनुसार, 18 सितंबर को ये 4 लाख रुपये उसके खाते में वापस आ गए। उसी दिन आरोपियों के कहने पर उसने नागपुर की एक फर्म के खाते में दोबारा 4 लाख रुपये जमा कर दिए।

10 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा, किसी को बताने पर जेल की धमकी

पीड़ित ने बताया कि साइबर ठगों ने उसे करीब 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान आरोपी लगातार वीडियो कॉल के जरिए उस पर नजर रखते थे और उसे अपने सामने रहने के लिए कहते थे।

आरोपियों ने व्यापारी को धमकी दी कि अगर उसने इस मामले की जानकारी किसी को दी तो उसे और अन्य लोगों को जेल भेज दिया जाएगा। साथ ही मकान और दुकान सील करने की धमकी भी दी गई। डर के कारण व्यापारी ने करीब 10 दिन तक किसी को घटना की जानकारी नहीं दी।

शेयर बेचने का भी बनाया दबाव

व्यापारी के अनुसार, बाद में आरोपियों ने उसकी संपत्ति और शेयरों के बारे में जानकारी मांगी। आरोपियों ने उस पर शेयर बेचने का दबाव बनाया। इसके अलावा उसकी दुकान की कीमत करीब 75 लाख रुपये बताकर रकम भी उनके बताए खाते में जमा कराने को कहा गया।

पीड़ित का कहना है कि आरोपियों के दबाव में उसने शेयर बेच दिए और उससे मिली रकम अपने बैंक खाते में जमा कर ली। शिकायत में व्यापारी ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आने की बात भी कही है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

बयाना थानाधिकारी रामगिलास गुर्जर ने बताया कि व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों, बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।