भिवानी। नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा) ने भिवानी में प्रदर्शन किया। पार्टी के आह्वान पर कर्मचारी और माकपा नेता लघु सचिवालय के सामने एकत्र हुए। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम मांग पत्र सौंपा गया। माकपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर 13 मई को कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को लागू नहीं करने और वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया।

13 मई के समझौते को लागू करने की मांग

माकपा नेता कॉमरेड ओम प्रकाश ने कहा कि नगरपालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी 6 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं। उनके अनुसार, 13 मई को कर्मचारी प्रतिनिधियों और सरकार के बीच 17 सूत्रीय मांगों को लेकर समझौता हुआ था। सरकार ने इन मांगों को 30 जून तक लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी समझौते को लागू नहीं किया गया।

उन्होंने बताया कि समझौते में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले दो कर्मचारियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और पक्की नौकरी देने, 7500 रुपये वर्दी भत्ता, 5000 रुपये जोखिम भत्ता और कोरोना काल में सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को वापस लेने जैसी मांगें शामिल थीं।

सरकार पर वादे से पीछे हटने का आरोप

ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि सरकार अब अपने वादे से पीछे हट रही है और कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने के बजाय जनता और कर्मचारियों के बीच विवाद पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से डीएससी और ओबीसी के नाम पर समाज को गुमराह करने के बजाय कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को तुरंत लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो जनसंगठन कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन को और व्यापक करेंगे।

राज्यपाल के नाम सौंपा मांग पत्र

माकपा के जिला सचिव मंडल सदस्य सुखदेव सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम मांग पत्र सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों के आंदोलन का बुधवार को 14वां दिन है। कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की ओर से समाधान नहीं होने के कारण भिवानी सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है।

सुखदेव सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि माकपा मेहनतकश लोगों के अधिकारों की लड़ाई में कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी।

गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा बताया

महिला नेत्री संतोष देसवाल ने कहा कि सफाई और अग्निशमन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा समझौते को लागू नहीं करने के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बारिश के मौसम में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की वेतन और सेवा शर्तों से जुड़ी मांगों पर जल्द फैसला लेने और हड़ताल खत्म कराने की दिशा में बातचीत शुरू करने की अपील की।

मांगें नहीं मानीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन में शामिल माकपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय मुद्दे को भटकाने से बचना चाहिए।

माकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 13 मई के समझौते को तत्काल लागू नहीं किया गया तो पार्टी समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी।