अजय सैनी, भिवानी। भिवानी की रेल सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में भिवानी को मिलने वाली रेल सुविधाओं में लगातार कमी आई है, जबकि नई रेल सेवाओं और सुविधाओं की मांग लंबे समय से उठती रही है। खास तौर पर 14085/14086 एक्सप्रेस के रूट में बदलाव को लेकर यात्रियों और क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है।

भिवानी जंक्शन पर फिलहाल तीन प्लेटफॉर्म हैं और यहां से कई ट्रेनों का आवागमन होता है। भिवानी से संचालित होने वाली प्रमुख ट्रेनों में कालका के लिए एकता एक्सप्रेस, तिलक ब्रिज के लिए यात्री ट्रेन, रोहतक के लिए कई यात्री ट्रेनें और प्रयागराज के लिए एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि जंक्शन की क्षमता के अनुरूप यहां लंबी दूरी की पर्याप्त रेल सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।

चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल को किया जा रहा याद

भिवानी की रेल सुविधाओं की चर्चा होने पर पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के कार्यकाल का भी उल्लेख किया जाता है। उनके कार्यकाल में भिवानी-रोहतक के बीच ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने के साथ भिवानी जंक्शन के आधुनिकीकरण की दिशा में काम हुआ। इसी दौरान भिवानी से नई दिल्ली के बीच 14085/14086 भिवानी एक्सप्रेस और भिवानी से कालका के बीच 14795/14796 एकता एक्सप्रेस जैसी रेल सेवाएं शुरू हुईं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उस समय रेल सुविधाओं को लेकर जिस तरह प्रयास किए गए, उसी तरह की इच्छाशक्ति आज भी दिखाई देने की जरूरत है।

कोरोना के बाद एकता एक्सप्रेस के संचालन को लेकर चला लंबा इंतजार

कोरोना महामारी के दौरान देशभर में रेल सेवाएं प्रभावित हुई थीं। इस दौरान भिवानी-कालका के बीच चलने वाली 14795/14796 एकता एक्सप्रेस भी बंद हो गई। हालात सामान्य होने के बाद कई ट्रेनें दोबारा पटरी पर लौटीं, लेकिन एकता एक्सप्रेस के संचालन में काफी समय लगा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तत्कालीन रोहतक सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। इसके बाद करीब तीन साल के अंतराल के बाद 7 सितंबर 2022 को एकता एक्सप्रेस दोबारा शुरू हुई। ट्रेन के दोबारा संचालन के साथ इसके कोच की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।

खाटू श्याम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिली रेल सेवा

भिवानी से खाटू श्याम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी लंबे समय से रेल सेवा की मांग की जा रही थी। लोगों की मांग के बाद तत्कालीन रोहतक सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के प्रयासों से 4 नवंबर 2022 को भिवानी से ढहर का बालाजी के बीच वाया रींगस एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई। इससे खाटू श्याम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिली।

14085/14086 एक्सप्रेस के रूट में बदलाव पर सवाल

सबसे ज्यादा सवाल 14085/14086 एक्सप्रेस के रूट में बदलाव को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भिवानी और दिल्ली के बीच चलने वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन का रूट बदलकर इसे सिरसा से तिलक ब्रिज के बीच रेवाड़ी और गुरुग्राम के रास्ते चलाया गया।

लोगों का तर्क है कि इस बदलाव से भिवानी के यात्रियों को पहले मिलने वाली सुविधा प्रभावित हुई। इसके स्थान पर हिसार से नई दिल्ली के बीच 04089/04090 यात्री ट्रेन चलाए जाने से भी दैनिक यात्रियों की समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुईं।

करीब छह हजार दैनिक यात्रियों पर असर का दावा

स्थानीय यात्रियों के मुताबिक हिसार-नई दिल्ली पैसेंजर के भिवानी सिटी होकर चलने से बड़ी संख्या में दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दावा किया जा रहा है कि करीब 6 हजार दैनिक यात्री इससे प्रभावित हैं।

वहीं, रूट में बदलाव को लेकर यह तर्क भी दिया गया कि पहले सिरसा-दिल्ली के बीच हरियाणा एक्सप्रेस और हिसार-तिलक ब्रिज के बीच दूसरी ट्रेन संचालित होती थी, इसलिए व्यवस्था में बदलाव किया गया। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि 14085/14086 एक्सप्रेस के संचालन का इतिहास इस तर्क पर सवाल खड़े करता है।

छह प्लेटफॉर्म की मांग भी अधूरी

भिवानी जंक्शन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन के लिए 26 कोच की वाशिंग लाइन और छह प्लेटफॉर्म की जरूरत बताई जा रही है। लंबे समय से छह प्लेटफॉर्म बनाने की मांग उठती रही है। हालांकि अब प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के निर्माण का काम शुरू हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि छह प्लेटफॉर्म की मांग के बावजूद पांच प्लेटफॉर्म तक ही निर्माण की योजना बनाई गई है। उनका आरोप है कि भिवानी जंक्शन की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त विस्तार नहीं किया जा रहा।

जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल

रेल सुविधाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दूसरे स्टेशनों और क्षेत्रों की रेल सुविधाओं को लेकर जनप्रतिनिधि सक्रिय नजर आते हैं, लेकिन भिवानी की समस्याओं पर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती।

लोगों का कहना है कि सिर्फ घोषणाओं और दावों से रेल सुविधाओं में सुधार नहीं होगा। इसके लिए रेलवे के उच्च अधिकारियों और मंत्रालय के स्तर पर लगातार प्रभावी पैरवी की जरूरत है।

अब बड़ा सवाल यही है कि भिवानी की रेल सुविधाओं को लेकर जनप्रतिनिधि और रेलवे कब ठोस कदम उठाएंगे और क्या 14085/14086 एक्सप्रेस के रूट में बदलाव सहित अन्य मांगों का कोई स्थायी समाधान निकलेगा?