​भोजपुर। जिले के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर न केवल स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं बल्कि राजनीतिक दिग्गजों का भी जमावड़ा लग गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अब तकनीकी जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है।

​नेताओं ने की परिजनों से मुलाकात

​शनिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स बिलौटी पहुंचे। उन्होंने मृतक भरत भूषण तिवारी के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें हर संभव न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। अजय राय ने परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए भरत को वीर बताया। वहीं दूसरी ओर सहार प्रखंड में स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकाल कर भरत तिवारी को न्याय दो और भोजपुर एसपी को हटाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

​फोरेंसिक जांच के लिए जब्त हुईं तीन पिस्टल

​मामले की निष्पक्ष जांच के लिए भोजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटना में इस्तेमाल हुई तीन पिस्टलों को जब्त कर लिया है। इनमें पूर्व शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार की सरकारी पिस्टल, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की सर्विस पिस्टल और भरत भूषण तिवारी के पास से मिला कट्टा शामिल है।
​भोजपुर एसपी ने स्पष्ट किया है कि बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने तक ये हथियार पुलिस कस्टडी में ही रहेंगे। जानकारों का मानना है कि यही रिपोर्ट इस एनकाउंटर की सच्चाई सामने लाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि भरत को लगी गोली किस हथियार से चली थी।

​सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंता

​इस बीच, जगदीशपुर के नवनियुक्त एसडीपीओ पंकज कुमार मिश्रा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और एफआईआर में नामजद पुलिसकर्मियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग रखी। साथ ही, उन्होंने संदिग्ध वाहनों की आवाजाही को लेकर अपनी चिंताएं भी व्यक्त कीं।
​इससे पहले, भरत के भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर एसपी पर घर आकर धमकाने और केस वापस लेने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना अनुमति पुलिस की पूरी टीम का उनके घर में घुसना किस प्रकार की कार्रवाई है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी कि यह एनकाउंटर कानूनी दायरे में था या नहीं।