कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई है। इन फैसलों में जमीन मापी के शुल्क से लेकर पेंशन भुगतान और स्वास्थ्य सुधार तक के बड़े बदलाव शामिल हैं।

​जमीन मापी शुल्क में हुआ इजाफा

सरकार ने जमीन मापी शुल्क को लगभग दोगुना कर दिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में 1,000 रुपये प्रति खेसरा और शहरी क्षेत्रों में 2,000 रुपये प्रति खेसरा शुल्क देना होगा। तत्काल मापी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 2,000 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 4,000 रुपये प्रति खेसरा का प्रावधान किया गया है। शहरी क्षेत्रों के लिए अधिकतम सीमा 8,000 रुपये और सामान्य ग्रामीण मापी के लिए 4,000 रुपये तय की गई है।

​पेंशनभोगियों को राहत: हर माह की 10 तारीख को मिलेगी राशि

राज्य की 6 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के करोड़ों लाभार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि अब हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि लाभार्थियों के खाते में भेज दी जाएगी। इसके लिए मई, जून और जुलाई 2026 हेतु 3,662 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

​स्वास्थ्य विभाग में क्रांतिकारी बदलाव

कैबिनेट ने बिहार राज्य नैदानिक स्थापना नियमावली में संशोधन किया है। अब 40 बेड से कम वाले छोटे क्लीनिकों, डिस्पेंसरी और डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए पृथक नियमावली होगी। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब अस्पतालों का पंजीकरण पूरी तरह से ऑनलाइन होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा।

​अन्य प्रमुख निर्णय

  • ​सासामुसा शुगर वर्क्स: गोपालगंज की इस चीनी मिल को पुनर्जीवित किया जाएगा, जिससे किसानों को 43 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान मिलेगा।
  • ​बाढ़ प्रबंधन: सीमावर्ती क्षेत्रों में नदी प्रबंधन और बाढ़ सुरक्षा के लिए 770.66 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
  • ​आधारभूत संरचना: डकरानाला पंप नहर परियोजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए 251.55 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
  • ​नई योजना: ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन’ को मंजूरी दी गई है।
  • ​पिछली बैठकों में भी सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये करने और CDPO भर्ती नियमों में संशोधन जैसे जनहितकारी कदम उठाए थे, जो राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।