कुंदन कुमार, पटना। बिहार में हर साल आने वाली भीषण बाढ़ से राज्यवासियों को जल्द ही स्थाई राहत मिलने की उम्मीद जाग उठी है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और नेपाल सीमा पर हाई डैम बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को लेकर सकारात्मक बातचीत चल रही है।
जल संधि और फरक्का बराज पर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा
बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी ने इस मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ भारत-बांग्लादेश जल संधि और फरक्का बराज को लेकर उच्चस्तरीय चर्चा हुई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने बिहार के भौगोलिक और मानवीय हितों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। जब भी इस जल संधि के नवीनीकरण की बात आएगी, तब बिहार की बाढ़ की विभीषिका और यहां के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा।
एक से डेढ़ महीने में शुरू होगा निर्माण का काम
बाढ़ के स्थाई समाधान की दिशा में यह प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हाई डैम के निर्माण से जुड़ी रूपरेखा और कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर शुरू हो जाएगी। इस हाई डैम के निर्माण से नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा, जिससे उत्तर बिहार के कई जिलों को बाढ़ के प्रकोप से बचाया जा सकेगा।
बिहार जल संसाधन विभाग की होगी सहभागिता
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की खूबी यह है कि इसके निर्माण कार्य में केवल केंद्र या नेपाल की एजेंसियां ही नहीं, बल्कि बिहार के जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि भी पूरी सक्रियता से शामिल होंगे। इससे राज्य के तकनीकी विशेषज्ञों के अनुभव का सीधा लाभ डैम के डिजाइन और निर्माण में मिल सकेगा।

