कुंदन कुमार, पटना। बिहार के जल संसाधन विभाग के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया है। हाल ही में हुई भारी बारिश और पड़ोसी राज्यों से छोड़े गए पानी के कारण उत्पन्न हुई इस जलजले जैसी स्थिति की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

​गंगा और दरधा नदी में उफान, कई इलाकों में बढ़ा जलस्तर

​समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की प्रमुख नदियों में जलस्तर बढ़ने से कुछ संवेदनशील स्थानों पर भारी दबाव देखा जा रहा है। भागलपुर जिले के पास गंगा नदी के तटबंध पर भारी कटाव के कारण एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। इसके अलावा, झारखंड क्षेत्र में लगातार हुई अत्यधिक वर्षा के कारण दरधा नदी में अचानक भारी पानी आ गया, जिससे पटना जिले के अंतर्गत आने वाले एक हिस्से में बांध टूटने की सूचना मिली। नदियों के इस अप्रत्याशित उफान और बहाव के कारण स्थानीय नागरिकों में चिंता का माहौल बन गया है, जिसे कम करने के लिए जल संसाधन विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों और कर्मचारियों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं।

​युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी

​कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से स्थिति पर पैनी नजर रख रहे उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग के तमाम इंजीनियर और अधिकारी मौके पर मुस्तैद हैं। भागलपुर में टूटे बांध और पटना जिले में प्रभावित हुए तटबंध को दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर पैचिंग का कार्य किया जा रहा है। बालू की बोरियां डालने और आधुनिक तकनीकी उपायों के जरिए पानी के कटाव को रोकने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वे 24 घंटे संवेदनशील तटबंधों की निगरानी करें ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि आम जनता को किसी प्रकार की बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े।