पटना। बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य की 10 विधान परिषद सीटों के लिए नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 4 बजे विधान परिषद के उप भवन (एनेक्सी) स्थित मुख्य सभागार में आयोजित किया गया है। सभी 10 सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए थे और आज वे आधिकारिक रूप से उच्च सदन की सदस्यता की शपथ लेंगे।

​निर्विरोध निर्वाचन और समीकरण

​लगभग 20 दिन पहले संपन्न हुई इस चुनावी प्रक्रिया में किसी भी सीट पर मुकाबला नहीं हुआ था क्योंकि कुल 10 सीटों के लिए केवल 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन भरा था। इन 10 सदस्यों में भाजपा और जदयू से 4-4, जबकि लोजपा (रामविलास) और राजद से 1-1 उम्मीदवार शामिल हैं। गौरतलब है कि एनडीए गठबंधन ने मंत्री दीपक प्रकाश को इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

​हाई-प्रोफाइल चेहरे और रणनीतिक दांव

​इस बार के चुनाव में कुछ नाम विशेष रूप से चर्चा का केंद्र बने हुए हैं:

  • ​ललन प्रसाद: जदयू के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद को सबसे अहम सीट मिली है। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रिक्त की गई सीट से जीत दर्ज की है। पूर्व मुख्यमंत्री के अत्यंत भरोसेमंद होने के नाते, उनका यह निर्वाचन उनके राजनीतिक कद को और ऊंचा करने वाला माना जा रहा है।
  • ​पवन सिंह: भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह का विधान परिषद सदस्य के रूप में यह संसदीय पदार्पण है। भाजपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाकर शाहाबाद और भोजपुरी भाषी बेल्ट में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। पवन सिंह की युवाओं के बीच भारी लोकप्रियता को देखते हुए इसे पार्टी का एक बड़ा सामाजिक और राजनीतिक दांव माना जा रहा है।

​सत्ता का नया संतुलन

​इन 10 सदस्यों के शपथ लेने के साथ ही बिहार विधान परिषद में सत्ता का समीकरण और अधिक स्पष्ट हो जाएगा। आगामी सत्रों में ये नए सदस्य सदन में अपने-अपने दलों का पक्ष मजबूती से रखेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए के लिए ये नियुक्तियां संगठन और क्षेत्र में संतुलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम हैं। शाम के इस कार्यक्रम में सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं की मौजूदगी रहेगी, जहां सभी नवनिर्वाचित एमएलसी अपनी नई संवैधानिक भूमिका की शुरुआत करेंगे।