Weather news: बिहार में पिछले तीन हफ्तों से जारी भीषण गर्मी और सूखे के बाद अब मानसून ने जोरदार वापसी की है। मौसम विभाग ने राज्य के 24 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों के लिए विशेष ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
मानसून का यू-टर्न और भारी बारिश की संभावना
राज्य में 6 जुलाई तक सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 7 से 10 दिनों तक मानसून की सक्रियता काफी अधिक रहेगी। 12 जुलाई तक पूरे राज्य में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की भी आशंका है।
पिछले 24 घंटों का हाल और जनजीवन पर असर
मंगलवार को पटना, बेतिया, कटिहार और औरंगाबाद समेत 15 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। इस मौसम ने कहीं राहत तो कहीं मुसीबत भी खड़ी कर दी है। मुंगेर में नदियों का जलस्तर बढ़ने से कटाव की समस्या शुरू हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, दरभंगा के जाले में तेज आंधी के कारण एक मकान पर पीपल का पेड़ गिर गया, जिसमें एक ही परिवार के 7 लोग बाल-बाल बच गए। पटना में पिछले दो दिनों से बादल छाए हुए हैं, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
अगले 3 दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान
- 8 जुलाई: दरभंगा, कटिहार, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया समेत 10 जिलों में बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। अररिया, किशनगंज और मधुबनी जैसे जिलों में भारी बारिश के आसार हैं।
- 9 जुलाई: पश्चिमी व चंपारण, गोपालगंज, भागलपुर और मुंगेर सहित 24 जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
- 10 जुलाई: पूर्वी व पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश होगी, जबकि मधुबनी और सुपौल में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
मानसून के उतार-चढ़ाव के कारण
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसूनी हवाओं की दिशा में बदलाव आया है। हालांकि, आर्द्रता अधिक होने और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण फिलहाल हीट इंडेक्स बढ़ा हुआ है, जिससे वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और वज्रपात की स्थिति में खुले में निकलने से बचें।

