कुंदन कुमार/पटना। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आगामी 20 जुलाई से सत्र की शुरुआत होने जा रही है जो राजनीतिक और विधायी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस संक्षिप्त सत्र के दौरान सरकार का पूरा जोर प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने और वित्तीय प्रबंधन पर होगा।

​सदन में पेश होगा अनुपूरक बजट

​मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा अनुपूरक बजट पेश किया जाना सबसे अहम घटनाक्रम होगा। इस बजट के माध्यम से सरकार विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त फंड की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, ताकि जनहित की योजनाओं को बिना किसी बाधा के धरातल पर उतारा जा सके। वित्तीय वर्ष के बीच में पेश होने वाला यह बजट राज्य की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करेगा।

​अध्यक्ष का आह्वान: जनहित के मुद्दों पर हो चर्चा

​बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सत्र की तैयारियों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून सत्र लोकतंत्र का वह मंच है जहां जनता की समस्याओं का समाधान ढूंढा जाता है। डॉ. प्रेम कुमार ने सभी माननीय सदस्यों से सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से सदन के पटल पर रखें ताकि मंत्री उन पर संज्ञान ले सकें।

​पांच दिनों का मंथन

​हालांकि सत्र की अवधि केवल पांच दिनों की है लेकिन कार्यसूची बेहद व्यस्त रहने वाली है। प्रश्नकाल, शून्यकाल और चर्चाओं के माध्यम से सरकार को घेरने की रणनीति विपक्ष ने तैयार कर ली है वहीं सरकार भी अपने विकास कार्यों का लेखा-जोखा पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पटना में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और सबकी निगाहें अब 20 जुलाई पर टिकी हैं कि मानसून सत्र के दौरान कौन-कौन से बड़े फैसले लिए जाते हैं।