पटना. बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान देना भारी पड़ रहा है. तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी को पॉकेटमार बताया था. विवादों में घिरने के बाद एक बार फिर तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘जनता का पॉकेट मारने वाले को ‘पॉकेटमार’ ही कहा जाता है, मददगार नहीं.’
दरअसल, तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया X पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा- ”सरकारी खर्चे से यानि जनता की पॉकेट से प्रधानमंत्री की एक रैली का खर्चा- 𝟏𝟎𝟎 करोड़. विगत 𝟓 चुनावों में प्रधानमंत्री जी बिहार में 𝟐𝟎𝟎 से अधिक रैली एवं जनसभा कर चुके है. इसलिए जनता की जेब से निकला कुल खर्च:-
रैली/जनसभा- 𝟐𝟎𝟎
एक रैली पर खर्च- 𝟏𝟎𝟎 करोड़
खर्चा- 𝟐𝟎𝟎 *𝟏𝟎𝟎 = 𝟐𝟎,𝟎𝟎𝟎 करोड़!
𝐘𝐄𝐒! 𝟐𝟎 हजार करोड़!!!!!!!
”आयोजन का बहाना है सरकारी, लेकिन प्रयोजन है प्रचार चुनावी.”
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा- ”सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी केंद्र की 𝟏𝟏 वर्षों एवं बिहार की 𝟐𝟎 वर्षों की 𝐍𝐃𝐀 सरकार की उपलब्धियों व खामियों इत्यादि का ज़िक्र ना कर के केवल विपक्ष को गाली देने के लिए बिहार आते है तथा एक कार्यक्रम पर जनता की जेब से 𝟏𝟎𝟎 करोड़ रुपए खर्च निकलवाते है. चालाकी से अपने प्रचार-प्रसार और चेहरा चमकाने के लिए जनता की जेब से हजारों करोड़ रुपए निकलवाने वालों को आप क्या कहेंगे?”
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तेजस्वी यादव ने आगे कहा- ”बिहार जैसे गरीब राज्य को कुछ दे नहीं सकते तो लेते भी क्यूं हो? रैलियों के माध्यम से बिहार की जनता का 𝟐𝟎 हजार करोड़ लूटने और लुटाने वाले गुनहगार ऊपर से ईमानदार, तारणहार और खेवनहार बनने का नाटक रच रहे है? और हाँ! जनता की पॉकेट मारने वाले को पॉकेटमार ही कहा जाता है, मददगार नहीं?”
गौरतलब है कि शुक्रवार (20 जून) को तेजस्वी यादव ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री को पॉकेटमार बताया था. उन्होंने कहा था कि हम लोगों को पॉकेटमार प्रधानमंत्री और अचेत मुख्यमंत्री नहीं चाहिए.

