पटना। बिहार के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापन को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में छात्रों की वास्तविक संख्या के आधार पर शिक्षकों का तार्किक वितरण सुनिश्चित करना है। वहीं दूसरी ओर पटना विश्वविद्यालय में प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के वेतन निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
सरकारी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात के नए मानक
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं को अलग-अलग शैक्षणिक इकाई माना जाएगा जबकि विद्यालय का प्रबंधन एक ही प्रधानाध्यापक के अधीन होगा। शिक्षकों की संख्या का निर्धारण अब छात्र नामांकन विद्यालय की संरचना और विषय की विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर किया जाएगा।
कक्षा 1 से 5 के लिए शिक्षक मानक:
- 1 से 60 छात्र: 2 शिक्षक
- 61 से 90 छात्र: 3 शिक्षक
- 91 से 120 छात्र: 4 शिक्षक
- 121 से 150 छात्र: 5 शिक्षक
- 150 से अधिक छात्र: 5 शिक्षक और 1 प्रधान शिक्षक
कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार अनिवार्यता:
उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रत्येक विद्यालय में विज्ञान, गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा (हिंदी) के लिए कम-से-कम एक-एक शिक्षक की तैनाती अनिवार्य की गई है। इसके अतिरिक्त, यदि नामांकन 105 से 140 के बीच होता है, तो अंग्रेजी के लिए चौथे शिक्षक का पद सृजित होगा। 140 से 175 छात्रों की संख्या होने पर पांचवां शिक्षक संस्कृत या उर्दू विषय के लिए नियुक्त किया जाएगा। 175 से अधिक नामांकन वाले विद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
पटना विश्वविद्यालय: वेतन निर्धारण समिति की बैठक
शैक्षणिक सुधारों के साथ-साथ विश्वविद्यालय स्तर पर भी प्रशासनिक कार्य गति पकड़ रहे हैं। सोमवार को पटना विश्वविद्यालय में ‘सांविधिक वेतन निर्धारण समिति’ की एक उच्च स्तरीय बैठक कुलपति प्रो. अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
इस बैठक में स्क्रीनिंग समिति द्वारा अनुशंसित 50 शिक्षकेतर कर्मियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने इन कर्मियों को एसीपी (ACP) और एमएसीपी (MACP) का लाभ प्रदान करते हुए उनके परिणामी वेतन निर्धारण को अपनी मंजूरी दे दी है। बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, वित्तीय परामर्शी और सिंडिकेट सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. शशांक भूषण लाल, लोक प्रशासन विभाग के निदेशक प्रो. राकेश रंजन और कुलसचिव प्रो. शालिनी आदि उपस्थित थे।

