विकास कुमार, सहरसा। बिहार सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक और क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत ‘उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य’ की संकल्पना को साकार करने के लिए एक विशेष पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के आदर्श विद्यालयों के लिए अत्याधुनिक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म ‘बिहार विद्या साथी’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना से सुदूर ग्रामीण अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीधी पहुंच मिलेगी।

​सहरसा जिले के 15 आदर्श विद्यालयों को मिला सीधा लाभ

​इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत शुरुआत में सहरसा जिले के सभी 10 प्रखंडों में नवस्थापित 15 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (आदर्श विद्यालयों) के छात्र-छात्राओं को जोड़ा गया है। उद्घाटन के दौरान सहरसा के जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ-साथ इन आदर्श विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। प्रशासन का मानना है कि इस योजना से जिले के शैक्षणिक ढांचे में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।

​Filo App के जरिए 24×7 निःशुल्क डाउट क्लियरेंस की सुविधा

​बिहार विद्या साथी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों को Filo App का निःशुल्क एक्सेस दिया जा रहा है।
​सातों दिन 24 घंटे उपलब्धता: छात्र किसी भी समय अपनी पढ़ाई से जुड़े कठिन सवालों और समस्याओं का समाधान सीधे विषय विशेषज्ञों से प्राप्त कर सकेंगे।

  • ​पूर्णतः निःशुल्क पंजीकरण: आदर्श विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन और सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त रखी गई हैं।
  • ​डिजिटल सशक्तिकरण: इस तकनीक के उपयोग से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के मेधावी छात्र भी शहरी स्तर की उच्चकोटि की शैक्षणिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

​मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश और भविष्य की कार्ययोजना

​समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदर्श विद्यालयों की नियमित जिला स्तरीय मॉनिटरिंग, स्कूलों में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी (PTM) का अनिवार्य आयोजन तथा प्राचार्यों के साथ नियमित बैठकें सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
​विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को सुधारेगी, बल्कि उन्हें डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी पूरी तरह तैयार करेगी।