ODISHA DESK, भुवनेश्वर: ओडिशा में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चरण-III अभ्यास को लेकर बीजू जनता दल (BJD) ने चुनाव आयोग के समक्ष पारदर्शिता की मांग उठाई है। बीजेडी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर 30 मई से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने का आग्रह किया है।
सस्मित पात्रा ने चिंता जताई है कि मतदाता सूची में सुधार के नाम पर किसी भी पात्र मतदाता का अधिकार नहीं छीना जाना चाहिए। पात्रा ने ध्यान दिलाया कि प्रारंभिक जांच के दौरान लगभग 9.8 लाख मतदाताओं के नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गए थे। उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में प्रस्तावित विलोपन (deletion) और फील्ड वेरिफिकेशन में अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। पत्र में मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उचित दस्तावेजी जांच की जाए और संबंधित मतदाता को पर्याप्त समय के साथ अग्रिम नोटिस दिया जाए।
नागरिकों के लिए एक सुलभ और समयबद्ध शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। जिन क्षेत्रों में अधिक संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं, वहां विशेष निगरानी और पर्यवेक्षक टीमों की तैनाती की मांग की गई है। साथ ही, राजनीतिक दलों और बूथ स्तर के एजेंटों (BLAs) के साथ बेहतर समन्वय की अपील की गई है।
राज्य में इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 38,123 बूथ स्तर के अधिकारी (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करेंगे। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा उनकी सहायता के लिए 27,723 बूथ स्तर के एजेंट (BLAs) नियुक्त किए गए हैं।
“लोकतंत्र की अखंडता के लिए सटीक मतदाता सूची का होना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता प्रक्रियात्मक खामियों या सत्यापन त्रुटियों के कारण सूची से बाहर न हो जाए।” – सस्मित पात्रा, सांसद (बीजेडी)
बीजेडी नेता ने उम्मीद जताई है कि चुनाव आयोग ओडिशा में इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समावेशी तरीके से संपन्न कराएगा ताकि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास और मजबूत हो सके।
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