सतीश सिंह, लखनऊ. लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बीच भाजपा पिछड़ा मोर्चा ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरते हुए बिधूना के राजकीय महाविद्यालय के नाम बदलने का मुद्दा उठाया है. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सवाल किया कि आखिर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम से जुड़े संस्थान का नाम क्यों बदला गया?

प्रकाश पाल ने आरोप लगाया कि अहिल्याबाई होलकर का नाम हटाए जाने के पीछे क्या कारण था, यह अखिलेश यादव को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या इसका संबंध लोकमाता के अति पिछड़े समाज से आने से था या फिर उनके मंदिरों और तीर्थस्थलों के पुनर्निर्माण के योगदान से? उन्होंने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा, “अखिलेश यादव जी जवाब दीजिए, देवी अहिल्याबाई होलकर से क्यों है द्वेष?”

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‘लोकमाता केवल एक समाज की नहीं’

प्रकाश पाल ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी शासिका थीं, जिन्होंने अपने शासन में जनकल्याण, न्याय और सुशासन को प्राथमिकता दी. देश के अनेक तीर्थस्थलों और मंदिरों के पुनर्निर्माण तथा जीर्णोद्धार में उनका योगदान रहा. उन्होंने कहा कि लोकमाता किसी एक जाति या समाज की विरासत नहीं, बल्कि पूरे भारत की गौरवशाली विरासत हैं. उनके जीवन और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.

‘भाजपा सरकार ने सम्मान पुनर्स्थापित किया’

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अहिल्याबाई होलकर के योगदान को सम्मान देने का काम किया है. उन्होंने प्रयागराज में उनकी प्रतिमा स्थापना, काशी और सोमनाथ में सम्मान तथा अन्य आयोजनों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि औरैया में मेडिकल कॉलेज का नाम पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा जाना लोकमाता के सम्मान को पुनर्स्थापित करने वाला कदम है.

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प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम

अहिल्याबाई होलकर की पुण्यतिथि पर भाजपा पिछड़ा मोर्चा प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा, माल्यार्पण, संगोष्ठी और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा. कार्यकर्ता उनके जीवन, सुशासन, संघर्ष और सांस्कृतिक संरक्षण में योगदान को जनता के बीच पहुंचाएंगे. प्रकाश पाल ने कहा कि लोकमाता के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी.