रोहित कश्यप, मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सेवानिवृत्त लेखापाल की हत्या मामले में चौंकाने वाला सच सामने आया है। इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि मृतक के सगे भाई और परिजन ही निकले, जिन्होंने करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए सुनियोजित साजिश रचते हुए सुपारी देकर अपहरण के बाद अपने ही भाई की हत्या करा दी। इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरा मामला थाना लालपुर क्षेत्र का है।

इस पूरे मामले का खुलासा मुंगेली पुलिस ने 14 टीमों की मदद से किया, जिसमें “त्रिनयन एप”, सीसीटीवी फुटेज और साइबर जांच ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने 11 आरोपियों और 4 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला दर्शाता है कि कैसे संपत्ति के लालच में रिश्तों की हत्या कर दी जाती है। पहले बाप-बेटे के बीच दरार डाली गई, फिर भरोसा जीतकर संपत्ति हड़पी गई और अंत में सुपारी देकर हत्या कर दी गई। मुंगेली पुलिस ने तकनीक, रणनीति और 14 टीमों की कड़ी मेहनत से इस जघन्य अपराध का खुलासा किया।

जानिए क्या है मामला

22 मार्च 2026 को थाना लालपुर में प्रार्थी बलबीर सिंह ने परिजनों के साथ उपस्थित होकर अपने भाई दामोदर सिंह के घर नहीं आने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 21 मार्च 2026 को भाई दामोदर राजपूत (रिटायर्ड लेखापाल शिक्षा विभाग) उम्र 62 वर्ष की मोटरसायकल ग्राम मनोहरपुर राईस मिल रास्ते के पास पड़ी है, जिस पर गुम इंसान कायम कर पतासाजी में लिया गया।

मामले में 14 टीम गठित की गई

मामले को पुलिस महानिरीक्षक रेंज बिलासपुर रामगोपाल गर्ग ने गंभीरता से लेते हुए गुम सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की पतासाजी करने एवं विधिवत कार्रवाई करने के निर्देश दिए एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन पर अति.पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी निरी. प्रसाद सिन्हा व साइबर सेल, थाना लालपुर एवं जरहागांव पुलिस स्टॉफ की 14 टीम बनाकर अलग-अलग कार्यक्षेत्र बताकर रवाना किया गया।

जांच में क्या मिला?

पतासाजी के दौरान 21 मार्च को दामोदर सिंह के घर से निकलने से लेकर मोटरसायकल मिलने के स्थान, मृतक के लास्ट लोकेशन एवं मुंगेली जिले के सभी एन्ट्री एक्जिट पाइन्ट,सरहदी क्षेत्र के कैमरों को चेक करने पर एक सस्पेक्ट ईओन कार स्लेटी कलर की दामोदर सिंह के पीछे पीछे चलती हुई दिखाई दी, ईओन कार की पतासाजी करते – करते ‘‘त्रिनयन एप’’ के माध्यम से रूट चार्ट तैयार कर कैमरों का अवलोकन करते हुये, कैमरे पर वहीं ईओन कार दिखाई दी एवं शहर मे लगे हाईटेक कैमरे मे रेकी करते समय का ईओन कार नंबर सीजी 10 एसी 8986 ज्ञात हुआ। सस्पेक्ट कार हुण्डई ईओन कार क्रमांक सीजी 10 एसी 8986 का वाहन मालिक ग्राम झझपुरी के देवचरण साहू के नाम पर रजिस्ट्रर्ड होना पाया गया, देवचरण साहू से पूछताछ करने पर ग्राम झाफल के संजय यादव द्वारा कार को 01 दिन किराये पर लिया गया है।

10 लाख और 50 डिसमिल जमीन की दी सुपारी

प्रकरण में संजय यादव को हिरासत मे लेकर कड़ाई से पुछताछ करने पर उसने बताया कि दामोदर सिंह के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत एवं उसके साले पालेश्वर सिंह राजपूत एवं चचेरे भाई रामपाल राजपूत द्वारा दामोदर सिह को मारने के लिये 10 लाख एवं 50 डिस्मील जमीन की सुपारी दी है, सुपारी मिलने के बाद काफी दिनों तक रेकी करने के बाद जब उसें रणजीत सिंह ने बताया कि दिनांक 21 मार्च 2026 को दुर्गा पुजा के लिये दामोदर को झाफल आने का निमंत्रण दिये है, तब पूर्व योजना के अनुसार अपने 03 साथी प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व स्वीपर मोहल्ला मुुंगेली एवं नाबालिग को लेकर दिन में पीछा करते मुंगेली से झाफल जाते हुए मनोहरपुर सुनसान रास्ते पर उसकी गाड़ी रोककर संजय यादव व प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व स्वीपर मोहल्ला मुुंगेली एवं नाबालिग ने दामोदर सिंह के गले में गमछा डालकर मार डाला।

ईओन कार क्रमांक सीजी 10 एसी 8986 में भरकर लाश को ठिकाने लगाने नवरंगपुर डिन्डौरी होते हुये ग्रामीण रास्ते में ईओन कार खराब होने पर ईओन कार के मालिक देवराज साहू से टाटा स्पेशियों गोल्ड कार को मंगवाकर देवराज साहू के साथ मिलकर मृतक की लाश को स्पेशियों गाड़ी मे शिफ्ट कर आरोपी संजय यादव व प्रिन्स उर्फ श्रवण, योगेश उर्फ योगेश्वर गंधर्व एवं नाबालिग ने कवर्धा जिले के पण्डरिया थाना अन्तर्गत देवसरा गांव मे जंगल अंदर नदी के नीचे गड्डे मे डालकर रेत में दफन कर वापस आ गये बताया तब आरोपी संजय यादव के निशादेही पर पण्डरिया थाना पुलिस ने मृतक दामोदर राजपूत का शव बरामद कर प्रकरण में 29 मार्च को थाना पण्डरिया से मृतक दामोदर राजपूत दिनांक 29़.03.2025 को परिजनों के साथ लाश का उत्खनन करवाया गया।

मृतक के परिजनो (बेटा संजय, पत्नि तुलसी व बेटियों) ने कपड़े व अन्य वस्तुओ को देखकर मृतक की पहचान दामोदर सिंह राजपूत के रूप में कर ली, जिसका पीएम पंचनामा कार्यवाही किया गया। इसके बाद थाना लालपुर में मर्ग कायम पश्चात् आरोपियों के द्वारा षड़यंत्रपुर्वक सुपारी देकर मृतक के जमीनों एवं अन्य संपत्तियों को हड़पने के नियत से अपहरण कर हत्या करना पाये जाने से अपराध क्रमांक 40/26 धारा 61(2), 103(1), 140(2), 238 बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पत्नी ने पुलिस को दिया था ये आवेदन

पुलिस टीम द्वारा अलग – अलग बिन्दुओं मे जांच करते हुये दिनांक 23/03/2026 को मृतक की पत्नि तुलसी बाई द्वारा अपनी दोनो बेटियो के साथ एस.पी. आफिस आकर अपने पति के लापता होने के संबंध में एक लिखित आवेदन दिया गया था जिसमे उसने अपने पति की 04 करोड़ की जमीन एवं 30 तोला सोना को अपने जेठ व देवरो तथा भांजे एवं भतीजो द्वारा षढ़यंत्रपुर्वक हड़पने का आरोप लगाते हुये रामपाल सिंह, रामरती ठाकुर, सागरसिंह बैंस व उसके साथी पालेश्वर व अन्य के उपर जांच की मांग की थी इस पारिवारिक एंगल को ध्यान मे रखते हुये सुक्ष्मता से जांच की जा रही थी तब परिवार की पुरानी पारिवारिक पृष्ठिभुमि तलाशने पर ज्ञात हुआ कि मृतक दामोदर के 05 भाई है एवं मृतक के बेटे संजय सिंह से उसकी संजय की शादी के बाद से नही पटती थी, मृतक के बेटे संजय राजपूत की पत्नि मनीला राजपूत ने वर्ष 2024 मे मृतक दामोदर राजपूत व उसके बड़े भाई बलबीर राजपूत, रणजीत राजपूत व रणजीत के बेटे हेमंत के उपर थाना लोरमी मे अपराध क्रमांक 30/2024 धारा 498 ए, 34 भादवि कायम कराया था।

संजय यादव ने पहले भी की थी हत्या की कोशिश

दिनांक 07.12.2025 को मृतक दामोदर का गुरूवाईनडबरी थाना लालपुर नहर मार्ग मे 01 एक्सीडेन्ट हुआ था जिसमे उसने 26.12.2025 को थाना लालपुर मे रिपोर्ट लिखवाई थी जिस पर अपराध क्रमांक 186/25 धारा 281,125(ए) बीएनएस 184 एमव्हीएक्ट अज्ञात आरोपी के खिलाफ कायम किया गया था प्रार्थी दामोदर राजपूत के द्वारा संजय यादव निवासी झाफल के उपर संदेह व्यक्त किया था कि संजय यादव के द्वारा मुझे मारने के लिये यह एक्सीडेन्ट किया गया था, दिनांक 29.03.2026 को संजय यादव ने पुछताछ पर बताया कि यह भी रणजीत व रामपाल लोगों की प्लानिंग का हिस्सा था और संजय यादव को कहा गया था कि पुलिस अगर पुछताछ करेगी तो बताना कि दामोदर सिंह का बेटा संजय सिंह ने दामोदर को मारने के लिये यह एक्सीडेन्ट कराया है।

पिता ने पुत्र के खिलाफ दर्ज कराया था मामला

मृतक दामोदर राजपूत ने अपराध क्रमांक 410/24 धारा 294,506,323 भादवि के तहत अपने बेटे संजय राजपूत के विरूद्ध कायम कराया था, जिस कारण बाप – बेटे की आपस मे एक दुसरे से बातचीत बंद हो गयी थी मृतक दामोदर अपने छोटे भाई रणजीत व अन्य भाईयों के यहां उठना बैठना करता था लेकिन बेटे से उसके संबंध खराब हो गये, मृतक दामोदर के पुरे पैसे चचेरे भाई रामपाल एवं सगे भाई रणजीत रखते थे, भाईयों की नजर मृतक दामोदर की संपत्ति व उसके पैसों पर थी, बाप बेटे की आपसी लड़ाई का फायदा, भाईयों व भांजे भतीजों ने उठाते हुये षढ़यंत्र रचा कि दामोदर की सारी जमीनें संजय राजपूत को नही देनी पड़े इसलियें अपने नाम करवाने लगे।

मृतक के भाइयों ने थाने में पेश किया वचनपत्र

मृतक दामोदर के भाईयों ने ही दिनांक 24.03.2026 को 01 नोटरी का कागज थाना लालपुर मे आकर पेश किया जिसमें दामोदर सिंह की ओर से 17.03.2026 को वचनपत्र नोटरी सतेन्द्र कुमार पौराणिक के समक्ष तैयार होना बताया गया जिसमे गवाहों के दस्तखत नही है, इस वचनपत्र मे लिखी बातों से यह स्पष्ट है कि मृतक अपनी पुरी संपत्ति को बेटे के अलावा भाई, भतीजे व भांजों को बेचना बता रहा है व बेचने के पश्चात् रकम प्राप्त करना बता रहा है, साथ ही बेटे संजय से अपना कोई भी संबंध जीवित या मृत होने पर नही रखना बता रहा है उक्त नोटरी को देखते ही प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि मृतक के भाई, भतीजो व भांजों ने संपत्ति के लालच मे मृतक की हत्या करवायी है जिसकी पुष्टि सुपारी किलर संजय यादव निवासी झाफल के बयान व मृतक की लाश मिलने से हो गई।

मृतक का अंतिम मोबाईल लोकेशन प्रयागराज में

मृतक दामोदर का फोन अंतिम बार प्रयागराज मे चालु होने व बंद होना पाया गया जिसकी पुष्टि के लिये प्रयागराज टीम भेजी गयी इसी बीच संजय यादव ने बताया कि योजना के अनुसार रणजीत सिंह ने बताया था कि मृतक का फोन हत्या के बाद प्रयागराज ले जाकर गंगा मे बहा देना है ताकि सबको ये लगे की दामोदर राजपूत प्रयागराज मे कहीं जाकर साधु सन्यासी बन गया है, संजय यादव ने प्रिंस, योगेश व 03 नाबालिगों को अर्टिका कार से प्रयागराज भेजकर घटना मे प्रयुक्त फोन व मृतक दामोदर को फोन को गंगा नदी मे फेंक दिया गया।

आरोपियों ने गुनाह कबूल की

प्रकरण मे संलिप्त आरोपी 1.रणजीत सिंह राजपूत 2.पालेश्वर राजपूत 3.रामपाल सिंह राजपूत 4.पराग सिंह राजपूत 5.हेमंत राजपूत 6.अजय राजपूत 7.संजय यादव 8.श्रवण उर्फ प्रिंस गोई 9. योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर 10. देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ 11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु व 04 नाबालिग को अलग- अलग स्थानों से हिरासत मे लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ करने पर घटना कारित करना स्वीकार किया गया आरोपी संजय यादव से टाटा स्पेशियों गोल्ड, सुपारी रकम 84000 रूपये, नाबालिग से सुपारी नगदी 12000 रूपये, देवराज साहू से ईऑन कार, नाबालिग से मोटरसायकल व प्रिंस से स्कुटी जप्त कर विधिवत 11 आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया जा रहा है एवं 04 विधि से संघर्षरत बालक का सामाजिक पृष्ठभुमि भरकर न्यायालय पेश कर बाल संप्रेषण गृह भेजा जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपी के नाम

  1. रणजीत सिंह राजपूत पिता बारेलाल उम्र 55 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक का भाई)
  2. पालेश्वर राजपूत पिता स्व.रामधुन उम्र 50 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का साला)
  3. रामपाल सिंह राजपूत पिता आजुसिंह उम्र 53 वर्ष निवासी लोरमी, थाना लोरमी (मृतक का चचेरा भाई)
  4. पराग सिंह राजपूत पिता बलवीर सिंह उम्र 49 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई बलबीर का पुत्र)
  5. हेमंत राजपूत पिता रणजीत उम्र 26 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का पुत्र)
  6. अजय राजपूत पिता भुनेश्वर सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी सारधा (मृतक का भांजा)
  7. संजय यादव पिता लल्लुराम उम्र 37 वर्ष निवासी झाफल थाना लोरमी
  8. श्रवण उर्फ प्रिंस गोई पिता श्याम उम्र 18 वर्ष निवासी जवाहर वार्ड मुंगेली
  9. योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर पिता राधेश्याम उम्र 18 वर्ष 10 माह निवासी कालीमाईवार्ड मुंगेली
  10. देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार पिता रामसहाय उम्र 23 वर्ष निवासी झझपुरीकला लोरमी
  11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु पिता धन्नू उम्र 20 वर्ष निवासी बस स्टैण्ड लोरमी
    एवं 04 विधि से संघर्षरत बालक