Business Desk – Data Security Boost : केंद्र सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने नए नियम जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब भारतीय यूजर्स का कॉल, इंटरनेट और अन्य टेलीकॉम डेटा देश के बाहर स्टोर नहीं किया जा सकेगा. इसके साथ ही दशकों पुरानी लाइसेंस व्यवस्था को खत्म कर नई डिजिटल मंजूरी प्रणाली लागू की गई है.

- भारत में ही स्टोर होगा यूजर्स का डेटा
नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को भारतीय ग्राहकों का डेटा, कॉल रिकॉर्ड और नेटवर्क लॉग्स देश के भीतर ही रखने होंगे. कंपनियां बिना अनुमति किसी विदेशी संस्था के साथ यह जानकारी साझा नहीं कर सकेंगी.
फायदा: इससे यूजर्स की प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा मजबूत होगी तथा डेटा लीक का खतरा कम होगा.
- टेलीकॉम सेक्टर में खत्म हुआ लाइसेंस राज
सरकार ने कंपनियों के लिए पुरानी और जटिल लाइसेंस प्रक्रिया खत्म कर दी है. अब कंपनियां नए Telecom e-Services Portal के जरिए ऑनलाइन मंजूरी ले सकेंगी.
फायदा: मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और नई सेवाएं तेजी से शुरू की जा सकेंगी.
- पुरानी कंपनियों को भी मिलेगी राहत
जिन कंपनियों के पास पहले से इंटरनेट, कॉलिंग या अन्य सेवाओं के लाइसेंस हैं, उन्हें भी नए ऑथराइजेशन सिस्टम में आने का विकल्प दिया गया है.
फायदा: कंपनियों का प्रशासनिक बोझ कम होगा और संचालन आसान बनेगा.
- सस्ते और बेहतर प्लान्स मिलने की उम्मीद
नए सिस्टम में नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं के लिए एक ही पोर्टल से आवेदन किया जा सकेगा. इससे कंपनियों की लागत घट सकती है.
फायदा: बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर कॉलिंग व डेटा प्लान्स मिलने की संभावना है.
- Starlink जैसी कंपनियों पर सख्त नियम
सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों के लिए भी कड़े नियम तय किए हैं. ऐसी कंपनियों का मुख्य गेटवे स्टेशन भारत में ही स्थापित करना होगा.
फायदा: राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और भारतीय यूजर्स का डेटा देश के नियंत्रण में रहेगा.
- सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नेटवर्क लगाने के लिए विशेष सुरक्षा मंजूरी जरूरी होगी. कंपनियों को संदिग्ध गतिविधियों और फर्जी संदेशों पर निगरानी रखने के लिए भी सिस्टम विकसित करना होगा.
फायदा: साइबर अपराध, फ्रॉड कॉल्स और सुरक्षा संबंधी खतरों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.
आम लोगों पर क्या असर होगा?
नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा आम मोबाइल और इंटरनेट यूजर्स को मिलेगा. डेटा सुरक्षा मजबूत होगी, नई सेवाएं जल्दी मिलेंगी, कंपनियों के लिए कारोबार आसान होगा और भविष्य में सस्ते व बेहतर टेलीकॉम प्लान्स मिलने की संभावना बढ़ेगी.

