चंडीगढ़। पंजाब भाजपा में 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी राय का अंतर सामने आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ कहा है कि पंजाब में सत्ता में वापसी के लिए भाजपा को शिरोमणि अकाली दल के साथ पुराना गठबंधन दोबारा शुरू करना ही पड़ेगा, वरना 2027 तो दूर, 2032 और 2037 भी भूल जाओ।
दूसरी तरफ पंजाब बीजेपी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कैप्टन के बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा है कि यह कैप्टन साहब की निजी राय है। पंजाब भाजपा सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमें किसी गठबंधन की जरूरत ही नजर नहीं आ रही हैं।
आपको यहां ये बताना जरूरी है किं कैप्टन ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा था कि भाजपा पंजाब की जमीन को ठीक से नहीं समझ पाई है और अकेले मजबूत संगठन खड़ा करने में उसे कम से कम दो-तीन चुनाव लगेंगे। उनका साफ मत था कि अकाली दल का जमीनी नेटवर्क और कार्यबल ही भाजपा को सत्ता तक पहुंचा सकता है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अकाली दल के बिना पंजाब में सरकार बनाने का कोई रास्ता नहीं है। गौरतलब है कि सितंबर 2020 में केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा से 27 साल का अपना पुराना गठबंधन तोड़ दिया था।
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