चमोली. पंच केदारों में चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ (Shri Rudranath) जी मंदिर के कपाट सोमवार को शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. रविवार को श्री रुद्रनाथ (Shri Rudranath) जी की चल विग्रह डोली ने मध्य हिमालय में स्थित रुद्रनाथ मंदिर के लिए भक्तों के साथ प्रस्थान किया था. भगवान श्री रुद्रनाथ के मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रियों के तहत गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर में विशेष पूजाओं का आयोजन किया गया था. जिसके बाद देव डोली ने जयकारों, पुष्प वर्षा और सेना की बैंड धुनों के साथ मंदिर के लिए प्रस्थान किया था.
मंदिर मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने बताया कि मंदिर के कपाट सोमवार मध्याह्न में परंपरानुसार विधि विधान के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे. जिसके बाद श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के एकानन स्वरूप के दर्शन कर पूजा अर्चना कर सकेंगे. बता दें कि चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं. इससे पहले बीते दिनों एसडीओ मोहन सिंह के नेतृत्व में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान मार्ग की स्थिति, संवेदनशील स्थल, विश्राम बिंदु तथा प्राकृतिक जोखिमों का आंकलन किया गया.
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टीम द्वारा यात्रा मार्ग पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया था. निरीक्षण के दौरान आवश्यक सुधार और व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव भी संकलित किए गए. वन विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित, सुगम और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान असुविधा न हो.

