हरियाणा के हांसी स्थित चानौत गांव में पेयजल संकट के समाधान के बाद ग्रामीणों ने भव्य विजय जुलूस निकालकर खुशी का इजहार किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की मध्यस्थता से मुख्य लाइन से टी-कनेक्शन मिलने की मंजूरी के बाद लोगों ने आंदोलन स्थल पर मिठाई बांटी।
हांसी। चानौत गांव में लंबे समय से चला आ रहा पेयजल संकट दूर होने के बाद ग्रामीणों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद जब दोबारा टी-कनेक्शन की पाइपलाइन गांव में पहुंची, तो समूचा इलाका उत्सव के रंग में डूब गया। ग्रामीणों ने इस पल को एक बड़ी ऐतिहासिक जीत के रूप में मनाते हुए पूरे क्षेत्र में भव्य विजय जुलूस निकाला।
जेसीबी पर निकाला जुलूस
धरना दे रही कमेटी के पदाधिकारी गांव की सीमा से करीब दो किलोमीटर पहले ही उस टी-कनेक्शन को एक जेसीबी मशीन पर रखकर गाजे-बाजे के साथ आगे बढ़े। इस दौरान रास्ते भर ग्रामीणों ने फूल-मालाएं बरसाकर और गगनभेदी नारे लगाकर आंदोलनकारियों का भव्य स्वागत किया। इसके बाद मुख्य धरना स्थल पर लाकर पाइपलाइन के हिस्से पर पारंपरिक रूप से लड्डू अर्पित किए गए और समूचे चानौत गांव में मिष्ठान वितरण का सिलसिला शुरू हो गया।
इस पूरे जश्न के दौरान महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली रही। ग्रामीण महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और अपनी प्रसन्नता प्रकट की। वहीं दूसरी ओर, युवाओं की टोलियों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर इतने लंबे समय तक चले संघर्ष के सफल होने का आनंद लिया। सुबह से ही आंदोलन वाली जगह पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
जून महीने का वह तनाव
सफलता के इस दौर में ग्रामीणों की आंखों के सामने 20 जून की वह पुरानी तस्वीर भी घूम गई, जब पहली दफा गांव में यह टी-कनेक्शन स्थापित किया गया था। उस समय भी गांव में खुशियां मनाई गई थीं और तत्कालीन सरपंच सोमेश कुमार ने शासन की ओर से सफल मध्यस्थता होने का दावा किया था। हालांकि, वह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी और महज तीन दिन बाद यानी 23 जून की आधी रात को प्रशासन ने इसे गैर-कानूनी बताते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच उखाड़ फेंका था।
उस समय ग्रामीणों की पुलिस-प्रशासन के साथ तीखी झड़प भी हुई थी। बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे, जिसके बाद भीड़ पीछे हटी थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद करीब 1500 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था और पूर्व सरपंच सोमेश शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। उस दमन के बाद आंदोलन की आग और भड़क गई थी, लेकिन अब जाकर इसका बेहद सुखद पटाक्षेप हुआ है।
मनोहर लाल की बड़ी पहल
आंदोलन के समापन पर व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राजेश ठकराल भी विशेष रूप से चानौत पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर उपस्थित जनता का अभिवादन करते हुए कहा कि यह देश में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से अपनी उचित मांग रखने का एक अनुपम उदाहरण है। ग्रामीणों ने चेयरमैन का भी वहां जोरदार ढंग से स्वागत सत्कार किया।
राजेश ठकराल ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि साफ पानी की आवश्यकता जितनी शहर को थी, उतनी ही गांव को भी थी। स्थापित नियमों के हवाले से इस बड़ी लाइन से छोटा कनेक्शन देना तकनीकी रूप से नामुमकिन बताया जा रहा था, लेकिन सूबे के मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्रियों और विशेषकर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की सक्रिय भागीदारी से एक बीच का संवेदनशील रास्ता निकाला गया। इससे अब दोनों ही पक्षों के हित सुरक्षित हो गए हैं।
ग्रामीणों ने खुलकर कहा कि पहली बार लगाया गया कनेक्शन भले ही कुछ दिनों में हटा दिया गया था, लेकिन इस बार मिला हक बेहद मजबूत है क्योंकि यह स्वयं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के दखल और लिखित आपसी सहमति से मिला है। लोगों के मुताबिक सरकार के इस कदम से जनता के बीच दोबारा भरोसा कायम हुआ है।

