चंदौली. यूपी के चंदौली जिले के अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर किसानों की बिजली समस्या और लगातार हो रही ट्रिपिंग के विरोध में प्रस्तावित धरने से पहले सोमवार को पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्ल्यू’ को उनके सैयदराजा स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया गया. उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि अमड़ा विद्युत उपकेंद्र को भी पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

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‘किसानों की आवाज दबाई जा रही’, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नजरबंदी के बाद मनोज सिंह ‘डब्ल्यू’ ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रस्तावित था, लेकिन सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करते हुए उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस और पीएसी की तैनाती से आंदोलन नहीं रुकेगा. उनका कहना था कि धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसान भारी संकट झेल रहे हैं और सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय विरोध की आवाज दबाने में लगी है.

बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल, सिंचाई प्रभावित होने का दावा

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान नहरों की सिंचाई के लिए बनाए गए स्वतंत्र फीडरों से अब गांवों को भी बिजली दी जा रही है, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने इसे अस्थायी व्यवस्था बताया है, लेकिन धान की रोपाई के समय बिजली संकट किसानों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है. उन्होंने कहा कि सिंचाई बाधित होने से फसल के साथ किसानों की आजीविका भी प्रभावित होगी.

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‘लिखित आश्वासन तक आंदोलन जारी रहेगा’

मनोज सिंह ने भाजपा सरकार पर क्षेत्र में बिजली ढांचे की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में न तो नया स्वतंत्र फीडर बना और न ही नया पावर हाउस स्थापित हुआ. उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसानों के हित में काम कर रही है तो बिजली व्यवस्था में सुधार दिखाई देना चाहिए. पूर्व विधायक ने साफ कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी किसानों की समस्याओं के समाधान का लिखित आश्वासन नहीं देंगे, आंदोलन जारी रहेगा. उधर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमड़ा विद्युत उपकेंद्र और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है.