अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को जिले के विकास भवन परिसर के पास 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. धरने में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए और विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक मनोज सिंह ने कहा कि जिले में कई महत्वपूर्ण जनहित योजनाएं बदहाल स्थिति में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार विकास के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग हैं.

मनोज सिंह ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पानी की टंकियों में कार्यरत ऑपरेटर-कम-चौकीदारों की स्थिति को गंभीर मुद्दा बताया. उनका कहना था कि ठेका प्रथा के माध्यम से नियुक्त कर्मियों से दिन-रात काम लिया जा रहा है, जबकि उन्हें बेहद कम मानदेय दिया जा रहा है, जो श्रम कानूनों की भावना के विपरीत है. उन्होंने अमड़ा स्थित 33 केवी विद्युत उपकेंद्र को 220 केवी में अपग्रेड करने की परियोजना में वर्षों से हो रही देरी पर भी सवाल उठाए. साथ ही गंगा नदी के किनारे बसे गुरैनी, महुजी और नरौली गांवों में लगातार हो रहे कटान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे किसानों और ग्रामीणों की जमीन प्रभावित हो रही है, लेकिन रोकथाम के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं.

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किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि धान की नर्सरी तैयार करने के समय नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे किसानों को सिंचाई संकट झेलना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में जल संकट का असर पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है. इसके अलावा उन्होंने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते हुए इसमें अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने गढ़ई नदी की खुदाई कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नदी से निकाली गई मिट्टी के उपयोग और निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है.