चंडीगढ़: शहर में नशे के बढ़ते खतरे पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर नशे की रोकथाम और नशा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। बैठक में ड्रग पेडलर्स और सप्लायर्स पर शिकंजा कसने के साथ-साथ नशे के संभावित हॉटस्पॉट्स पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान कटारिया ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस की बीट व्यवस्था को मजबूत करने तथा ऐसे क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए, जहां नशे की गतिविधियों की आशंका अधिक रहती है।

राज्यपाल ने पुलिस को औचक निरीक्षण बढ़ाने और ड्रग पेडलर्स व सप्लायर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मकसद नशे की सप्लाई चेन पर प्रहार करने के साथ उन स्थानों पर भी निगरानी मजबूत करना है, जिन्हें नशे के हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित किया जा सकता है।
कटारिया ने कहा कि नशामुक्त चंडीगढ़ का लक्ष्य केवल पुलिस की कार्रवाई से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी के साथ लोगों में जागरूकता फैलाना और नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए पुलिस कार्रवाई के साथ सामाजिक सहयोग को भी अहम बताया। बैठक में जोर इस बात पर रहा कि नशे की रोकथाम के लिए कार्रवाई, निगरानी, जागरूकता और पुनर्वास—इन सभी स्तरों पर एक साथ काम किया जाए।
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