Dharm Desk – सनातन धर्म में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है. माना जाता है कि शनि देव व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे दोनों कर्मों का फल प्रदान करते हैं. शनिवार का दिन विशेष रूप से शनि देव को समर्पित होता है. इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ उनकी पूजा करने से जीवन की कठिनाइयों, मानसिक तनाव और आर्थिक समस्याओं में धीरे-धीरे कमी आने लगती है. खासकर शनिवार के दिन शनि देव को तेल चढ़ाना बहुत फलदाई माना जाता है. मगर क्या आप जानते हैं तेल चढ़ाने की सही विधि, साथ ही तेल चढ़ाते समय क्या बोलना चाहिए.

शनि देव को तेल अर्पित करना

सबसे पहले शनिवार के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहने हो सके तो काले या नील कपड़े पहने शनिवार के दिन काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है.

पूजा करते समय मन को रखें शांत और पवित्र

शनि देव को तेल चढ़ाने का सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद का माना जाता है. शाम के समय लगभग 8 बजे तक तेल अर्पण करना विशेष फलदायी होता है.तेल चढ़ाने के लिए लोहे के पात्र का प्रयोग करना चाहिए तेल में एक छोटा सिक्का भी डालना चाहिए इसके साथ ही तेल के अंदर अपने चेहरे की छाया देखें. ऐसा करना आत्म-शुद्धि का प्रतीक माना जाता है. तेल अर्पित करते समय ध्यान रखें कि दृष्टि केवल शनि देव के चरणों पर ही रहे. यदि मंदिर न जा सकें तो पीपल के पेड़ के नीचे दिया लगाना चाहिए.

शनि देव को तेल चढ़ाते समय इस मंत्र का करें जाप

शनि देव को तेल चढ़ाते समय श्रद्धा और शांत मन से शनि देव के मंत्रों का जाप करना लाभकारी माना जाता है.

ओम शं शनैश्चराय नमः
ओम प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
इन मंत्रों का जाप करने से शनि के दोष शांत होते हैं और मानसिक शांति मिलती है. मंत्रों का जाप करते समय मन को पूर्ण रूप से एकाग्र रखें और शनि देव से अपने जीवन की सभी परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें.