पटना। बिहार के छपरा से लखनऊ आने वाली गोमतीनगर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या- 15114) में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ट्रेन की स्लीपर बोगी (S-1) में एक संदिग्ध बक्से से एक अज्ञात महिला की सिर कटी लाश बरामद हुई है। मृतका के हाथ-पैर काटकर एक अलग बैग में पॉलीथिन के अंदर पैक किए गए थे, जबकि उसका सिर गायब है। इस खौफनाक वारदात की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है और छपरा सहित रूट के 6 प्रमुख रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
सफाई के दौरान मिला संदिग्ध बक्सा और बैग
यह ट्रेन 16 मई की शाम 5:45 बजे छपरा से रवाना हुई थी और रविवार सुबह करीब 6:00 बजे लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन खाली होने के बाद जब सफाई कर्मचारी S-1 कोच की सफाई करने अंदर गए, तो उन्हें लावारिस हालत में एक संदिग्ध बक्सा और बैग दिखाई दिया। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी स्टेशन अधीक्षक को दी। इसके बाद चारबाग के जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस की मौजूदगी में उस बक्से को खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए।
कसाई वाले हथियार से हत्या की आशंका
बक्से के भीतर करीब 30 से 35 वर्ष की एक महिला का केवल धड़ रखा हुआ था। महिला रंग-बिरंगा सूट पहने हुई थी, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह किसी ग्रामीण इलाके की रहने वाली हो सकती है। शव को देखकर पुलिस का अनुमान है कि हत्यारे ने शव को काटने के लिए कसाईबाड़े में इस्तेमाल होने वाले भारी और धारदार हथियार (चापड़) का प्रयोग किया है। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह है कि महिला के शरीर पर संघर्ष या किसी तरह की जबरदस्ती के अन्य निशान नहीं मिले हैं।
सबूत मिटाने के लिए शातिर तरीके से की गई पैकिंग
कातिल ने वारदात को बेहद शातिर और पेशेवर तरीके से अंजाम दिया था। बक्से में धड़ को इस तरह से पैक किया गया था कि खून की एक भी बूंद बाहर नहीं आई और सारे धब्बे अंदर ही रह गए। इसी तरह हाथ-पैरों को भी मोटी पॉलीथिन में लपेटा गया था ताकि बाहर किसी को भनक न लग सके। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
यात्रियों की सूची और सीसीटीवी फुटेज से कातिल की तलाश
महिला की पहचान और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है। छपरा से गोमतीनगर के बीच यह ट्रेन कुल 20 स्टेशनों पर रुकती है और करीब 12 घंटे का सफर तय करती है। जीआरपी इस रूट के सभी मुख्य स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि S-1 बोगी में यह भारी बक्सा किसने और कहां से चढ़ाया था। इसके साथ ही, उस कोच में चार्ट के मुताबिक सफर करने वाले सभी आरक्षित यात्रियों का ब्योरा निकालकर उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

