पंकज श्रीवास्तव/छपरा। वाराणसी मंडल के रेल प्रबंधक (DRM) आशीष जैन ने आज छपरा जंक्शन का सघन और औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल वर्तमान यात्री सुविधाओं का जायजा लिया बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं और मानसून से निपटने की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए।

​स्टेशन के आधुनिकीकरण पर फोकस

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने मुख्य रूप से यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने प्लेटफॉर्मों की स्वच्छता, वॉटर बूथों की कार्यक्षमता और फुट ओवर ब्रिज (FOB) की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। इसके साथ ही, छपरा जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में चल रही पुनर्विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्टेशन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए चिन्हित किए गए स्थलों का दौरा किया और कार्ययोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।

​सुरक्षा और मानसून की तैयारियों का लिया जायजा

यात्री सुविधाओं के अलावा, डीआरएम का पूरा जोर रेलवे सुरक्षा पर रहा। उन्होंने संरक्षा के दृष्टिगत समपार संख्या 41, 43C, 46C और 50 का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच की। विशेष रूप से मानसून के आने से पहले जलभराव की समस्या को रोकने के लिए उन्होंने बुधिया माई ढाला के समीप स्थित रेलवे ट्रैक और उससे सटे नालों का निरीक्षण किया।
​डीआरएम ने निर्देश देते हुए कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सभी ड्रेनेज संरचनाओं की समुचित सफाई अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल निकासी में बाधा उत्पन्न करने वाले किसी भी प्रकार के कचरे या अवरोध को तत्काल हटाया जाए ताकि ट्रैक की सुरक्षा प्रभावित न हो।

​अधिकारियों की उपस्थिति

इस निरीक्षण के दौरान मंडल के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) विकास कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर विनीत कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर यशवीर सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) सौरभ राठौर, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक बलेन्द्र पाल, सहायक सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर अशोक कुमार और स्टेशन निदेशक राजेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पर्यवेक्षक एवं रेलवे कर्मी शामिल थे।
​डीआरएम ने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करने और यात्रियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया।