सोनीपत। जैन विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जटवाड़ा में जिला स्तरीय बाल संरक्षण एवं सुरक्षा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल संरक्षण, बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन और बच्चों की सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले करीब 100 शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सोनीपत नवीन गुलिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) डॉ. रितु गिल और MDD of India, Sonipat के जिला संयोजक डॉ. राज सिंह सांगवान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण : नवीन गुलिया
जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी महत्वपूर्ण केंद्र हैं। बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण और POCSO से जुड़े मामलों की रोकथाम के लिए शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान उनके उत्साह और जिम्मेदारी को और बढ़ाता है।
बच्चों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी : डॉ. रितु गिल
जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. रितु गिल ने कहा कि शिक्षा विभाग बच्चों को केवल संस्कार ही नहीं देता, बल्कि उन्हें सुरक्षा और संरक्षण का महत्व भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़ी किसी भी समस्या या शोषण की जानकारी मिलने पर समय पर सूचना देना और उचित कार्रवाई करना जरूरी है। स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित, बाल-अनुकूल और विश्वासपूर्ण माहौल तैयार करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
आपसी समन्वय से बच्चों की बेहतर सुरक्षा संभव : डॉ. सांगवान
MDD of India, Sonipat के जिला संयोजक डॉ. राज सिंह सांगवान ने कहा कि बच्चों के संरक्षण के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। रोकथाम, जागरूकता, समय पर रिपोर्टिंग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को केंद्र में रखकर लगातार काम किया जाना चाहिए।
डॉ. सांगवान ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज के लिए स्कूल, शिक्षक, अभिभावक, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करने की जरूरत
जैन विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अध्यक्ष राकेश कुमार जैन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बाल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान को सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल बताया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. नीरू, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, सुनीता, सरिता, रम्मना, साहिल, अधिवक्ता हिमांशु सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह के दौरान शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण और अन्य बाल संरक्षण संबंधी चुनौतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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