Dharm Desk – आजकल बच्चों की दिनचर्या इतनी व्यस्त हो गई है की पढ़ाई के अलावा उनके पास ज्यादा समय नहीं बचता. ऐसे में कई बार उनका मन पढ़ाई में भी नहीं लगता उनका ध्यान जल्दी भटक जाता है और याद की हुई बातें भी लंबे समय तक उनके दिमाग में टिक नहीं पातीं. ऐसी स्थिति में अभिभावकों के लिए एक सरल और सहज धार्मिक उपाय मददगार साबित हो सकता है. जिसे रोजाना या जब भी समय मिले किया जा सकता है.

बुध अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ
बुध देव को बुद्धि, वाणी और तर्क शक्ति का कारक माना जाता है. ऐसे में बुध अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ बच्चों के मानसिक विकास के लिए लाभकारी होता है. अच्छी बात यह है कि इसे किसी एक दिन तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. यह बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार रोजाना या जब समय मिले इसका जाप कर सकते हैं. बस जब भी बच्चों को थोड़ा समय मिले सुबह या शाम बस उन्हें शांत वातावरण में बैठाकर बुध देव का ध्यान करवाएं. यदि आपके बच्चे बड़े हैं, तो वे स्वयं 108 बार नामों का पाठ कर सकते हैं. वहीं अगर बच्चे छोटे हैं,तो माता-पिता यह पाठ करें और उन्हें साथ बैठाएं जिससे वह भी सुने. रोजाना अगर संभव न हो तो हफ्ते में 2-3 बार भी इसे किया जा सकता है.
बच्चों की वाणी में मिठास आती है
इस पाठ का नियमित अभ्यास बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने में सहाकया माना जाता है. इससे उनकी स्मरण शक्ति मजबूत होती है, जिससे वे पढ़ी हुई चीजों को बेहतर तरीके से समझ और याद रख पाते हैं. इसके अलावा बच्चों की वाणी में मिठास आती है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है. जो बच्चे जल्दी घबरा जाते हैं या जिनका पढ़ाई में मन नहीं लगता उनमें बच्चों में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है.
माता-पिता ध्यान दें
माता-पिता को बच्चों के समय को समझते हुए इस उपाय को आसान बनाना चाहिए. इसे किसी दबाव की तरह नहीं, बल्कि एक छोटी सी सकारात्मक आदत के रूप में शामिल करें. साथ ही बच्चों को प्रोत्साहित करें और पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक शांति का महत्व भी समझाएं नियमितता और सच्चे मन से किया गया यह उपाय बच्चों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. इस तरह कम समय में किया गया यह छोटा सा प्रयास बच्चों की बुद्धि को प्रखर, मन को एकाग्र और पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ाने में सहायक होता है.

