Claude AI Privacy Leak : AI चैटबॉट का इस्तेमाल आज लाखों लोग पढ़ाई, ऑफिस, बिजनेस और निजी सलाह के लिए कर रहे हैं, लेकिन हाल ही में Claude AI को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि Claude AI की शेयर की गई बातचीत (Chats) गूगल सर्च में दिखाई देने लगी। इनमें कुछ ऐसी चैट्स भी थीं, जिनमें संवेदनशील जानकारी मौजूद थी।
हालांकि Claude AI बनाने वाली कंपनी Anthropic का कहना है कि यह किसी डेटा हैक या सिस्टम की खामी नहीं थी, बल्कि यूजर्स द्वारा खुद बनाए गए शेयर लिंक की वजह से ऐसा हुआ।
कैसे गूगल सर्च तक पहुंची चैट्स?
Claude AI में एक फीचर दिया गया है, जिससे यूजर अपनी किसी भी बातचीत का लिंक बनाकर दूसरों के साथ साझा कर सकते हैं। यदि यह लिंक इंटरनेट पर किसी सार्वजनिक वेबसाइट, फोरम या अन्य प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाता है तो सर्च इंजन उसे इंडेक्स कर सकते हैं। इसी वजह से कुछ शेयर की गई Claude चैट्स गूगल सर्च रिजल्ट में दिखाई देने लगीं। Reddit समेत कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ने इसके स्क्रीनशॉट भी साझा किए, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

कंपनी ने क्या कहा?
Anthropic ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने किसी भी निजी चैट को सार्वजनिक नहीं किया है। कंपनी के अनुसार, केवल वही चैट्स सामने आईं जिनके लिए यूजर ने खुद शेयर लिंक बनाया था। कंपनी का कहना है कि वह सर्च इंजन को अपनी चैट्स का कोई डायरेक्टरी या साइटमैप उपलब्ध नहीं कराती। हालांकि यदि शेयर किया गया लिंक किसी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाए, तो वह सर्च इंजन में दिखाई दे सकता है। कंपनी ने यह भी बताया कि अब ऐसे लिंक को सर्च रिजल्ट से हटाने के लिए जरूरी बदलाव किए जा चुके हैं। हालांकि जिन लोगों के पास पहले से वह शेयर लिंक मौजूद है, वे उसे अभी भी खोल सकते हैं।
प्राइवेसी को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
आज बड़ी संख्या में लोग AI चैटबॉट में नौकरी, बिजनेस, हेल्थ, पढ़ाई, कानूनी मामलों और निजी जीवन से जुड़ी जानकारी लिखते हैं। ऐसे में यदि कोई शेयर लिंक सार्वजनिक हो जाए, तो संवेदनशील जानकारी दूसरों तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि AI का उपयोग करते समय यूजर्स को यह समझना चाहिए कि शेयर किया गया लिंक पूरी तरह निजी नहीं माना जा सकता।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब AI चैट्स को लेकर प्राइवेसी पर सवाल उठे हों। इससे पहले ChatGPT की कुछ शेयर की गई बातचीत और Grok AI से जुड़े सार्वजनिक चैट लिंक भी चर्चा में रहे थे। इन घटनाओं के बाद AI कंपनियां अपने शेयरिंग फीचर्स को और सुरक्षित बनाने पर काम कर रही हैं।
AI इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां
- बैंकिंग पासवर्ड, OTP या क्रेडिट कार्ड जैसी जानकारी कभी साझा न करें।
- आधार, पैन या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों की पूरी जानकारी AI में न लिखें।
- चैट शेयर करने से पहले अच्छी तरह जांच लें कि उसमें कोई निजी जानकारी तो नहीं है।
- केवल जरूरत होने पर ही शेयर लिंक बनाएं।
- अगर लिंक की जरूरत खत्म हो जाए तो उसे हटाने या निष्क्रिय करने का विकल्प इस्तेमाल करें।
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