संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश समेत देशभर में Re-NEET की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। एमपी के 30 जिलों में 283 सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें सबसे ज्यादा 57 सेंटर्स इंदौर में हैं। वहीं इसे लेकर एमपी के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। एग्जाम को लेकर साइबर पुलिस सक्रिय हो गई है। प्रदेश में जिला स्तर पर सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग की जाएगी। अफवाह फैलने की स्थिति में तुरंत खंडन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स वीसी में 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि नीट परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। पुलिस प्रशासन परीक्षार्थियों के साथ सकारात्मक भाव से हर संभव मदद करे। जिला स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए और अफवाह फैलने की स्थिति में तत्काल वस्तुस्थिति से लोगों को अवगत कराया जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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283 एग्जाम सेंटर, इंदौर में सबसे ज्यादा
वहीं बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 30 जिलों में नीट परीक्षा के लिए 283 सेंटर बनाए गए हैं। सर्वाधिक 57 केंद्र इंदौर में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के प्रदेश में होने वाले दौरे के दृष्टिगत आवश्यकत तैयारियों के संबंध में भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अनुपम राजन और शिव शेखर शुक्ला उपस्थित रहे।
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जिलों की बनेंगी विकास पुस्तिकाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विकास और जनकल्याण योजनाओं के संचालन की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। जुलाई माह में कलेक्टर्स-एसपी कांफ्रेंस भी होगी। सीएम ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री अपने संबोधन में विस्तृत रूप से जिले की उपलब्धियां प्रस्तुत करेंगे। प्रभारी मंत्रियों के संबोधन से पहले राज्य स्तर से मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। यह सभी जिलों में प्रसारित होगा। जिला स्तर की उपलब्धियों के प्रस्तुतिकरण से जिला स्तर पर संचालित विकास और जनकल्याण गतिविधियों का दस्तावेजीकरण होगा, इसकी तैयारी तत्काल आरंभ की जाए। इस आधार पर जिलों की विकास पुस्तिका बनेगी।

