लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आयुष, योग, पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए. आयुष सेवाओं को आधुनिक प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और पर्यटन से जोड़ते हुए रोजगार और निवेश को नई गति देने पर बल दिया जाए.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास वेलनेस और हीलिंग आधारित पर्यटन विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं. आयुष संस्थानों को इलाज केंद्रों के साथ-साथ वेलनेस, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार सृजन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए. पीपीपी मॉडल के माध्यम से आधुनिक आयुष वेलनेस सेंटर और 100 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सा और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं.
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बता दें कि सीएम योगी ने रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ बैठक की थी. जिसमें उन्होंने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के दृष्टिगत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूर्ण क्षमता से संचालित हों और इनके कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए.
सीएम ने प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर देते हुए फीडर वाइज मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने और शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए. संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी.

