सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। सिंगरौली जिले में सड़कों पर जारी खूनी खेल और भारी वाहनों की मनमानी पर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नो एंट्री के नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे कोयला लोड हाइवा और ट्रेलर वाहनों पर कलेक्टर गौरव बैनल ने बड़ा एक्शन लिया है। नियम तोड़ने वाली कई बड़ी कंपनियों और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सिंगरौली में तेज रफ्तार भारी वाहनों का कहर लगातार जारी है। जिले की सड़कों पर रोजाना हजारों की संख्या में हाइवा, ट्रेलर और कोयला परिवहन करने वाले वाहन दौड़ रहे हैं। इनकी चपेट में आकर आए दिन ग्रामीण और बाइक सवार हादसों का शिकार हो रहे हैं। हालात यह हैं कि कई बार दुर्घटनाओं के बाद सड़क जाम और कानून व्यवस्था की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए रूट निर्धारित किए हैं और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नो एंट्री का समय तय किया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई वाहन संचालक नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे थे।
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रूट की जांच के बाद FIR के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गौरव बैनल ने एसडीएम और तहसीलदारों से पूरे रूट की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि प्रतिबंधित समय के दौरान कई कोयला परिवहन वाहन निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड और अन्य संबंधित परिवहनकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।
नियमों का उल्लंघन
दरअसल, जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सड़क मार्ग से फ्लाई ऐश और कोयला परिवहन पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया था। बावजूद इसके प्रतिबंधित अवधि में सरई और बरगवां क्षेत्र में कोयला लोड वाहन चलते पाए गए। तहसीलदार बरगवां की रिपोर्ट के अनुसार, चार वाहन प्रतिबंधित समय में करीब 60 किलोमीटर तक परिवहन करते हुए पकड़े गए, जो लगभग दो घंटे तक नियमों का उल्लंघन करते रहे।
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परमिट निरस्त करने की दी थी चेतावनी
प्रशासन ने संबंधित कंपनियों और वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद अब कार्रवाई की गई है। कलेक्टर गौरव बैनल ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहनों के फिटनेस और परमिट निरस्त करने की चेतावनी भी दी गई है। सिंगरौली में भारी वाहनों की मनमानी पर प्रशासन का यह अब तक का बड़ा कदम माना जा रहा है। देखना होगा कि एफआईआर के बाद परिवहन व्यवस्था में कितना सुधार आता है और सड़क हादसों पर कितना अंकुश लग पाता है।


