कुंदन कुमार/पटना। देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली और छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इसी क्रम में कांग्रेस ने छात्रों की गूंज नाम से एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान का शंखनाद किया है जिसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं की आवाज को बुलंद करना और परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल सुधार की मांग करना है।
दिल्ली चलो का आह्वान और आंदोलन की रूपरेखा
राजधानी पटना में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अभियान के संयोजक और नेशनल कोर ग्रुप के सदस्य अनुपम ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक चरणबद्ध आंदोलन होगा। देश के विभिन्न राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसंपर्क अभियान के जरिए छात्रों को जागरूक किया जाएगा। इसी कड़ी में केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से 9 अगस्त को दिल्ली चलो का स्पष्ट आह्वान किया गया है जहां देशभर के छात्र अपनी मांगों को लेकर राजधानी में एकत्रित होंगे।
शिक्षा प्रणाली पर उठते सवाल और अनियमितताएं
कांग्रेस नेताओं ने इस आंदोलन को न्याय की लड़ाई बताते हुए कहा कि नीट पेपर लीक कांड और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने देश के लाखों मेधावी छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में विशेष रूप से बिहार में दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान छात्रों को हुई परेशानियों और पाटलिपुत्र जंक्शन पर हुए हंगामे को केंद्र में रखा गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों को केवल आश्वासन मिल रहे हैं जबकि धरातल पर स्थिति गंभीर बनी हुई है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
इस अभियान के मंच से केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया है। नेताओं का तर्क है कि देश की शिक्षा व्यवस्था एक अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। आंदोलन से जुड़ने के लिए कांग्रेस ने एक विशेष पोस्टर जारी किया है, जिसमें एक टोल-फ्री नंबर और क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया है ताकि देश का हर छात्र इस मुहिम से सीधे जुड़ सके और अपनी आवाज साझा कर सके।

