दरभंगा। पूरे देश के साथ-साथ मिथिला की ऐतिहासिक भूमि दरभंगा में भी 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध नेहरू स्टेडियम, लहेरियासराय में आयोजित मुख्य राजकीय समारोह में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह दरभंगा के प्रभारी मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने गरिमामयी उपस्थिति के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके उपरांत उन्होंने भव्य परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।

​अमर सेनानियों और राष्ट्र नायकों को नमन

​इस अवसर पर अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रभारी मंत्री ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा देश की खातिर अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले सभी वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय पर्व भर नहीं है, बल्कि यह हमारे गौरवशाली इतिहास, त्याग और पराक्रम को याद करने का पावन अवसर है।

​मिथिला की सांस्कृतिक विरासत की सराहना

​मंत्री शैलेन्द्र ने अपने भाषण में दरभंगा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि यह क्षेत्र केवल एक प्रशासनिक जिला नहीं है, बल्कि यह मिथिला की समृद्ध परंपरा, ज्ञान और संस्कृति की प्राचीन भूमि है। दरभंगा की असली पहचान इसकी साझा संस्कृति, अटूट आस्था, शिक्षा और महान सामाजिक मूल्यों में बसती है।

​विकास कार्यों और आधारभूत संरचनाओं पर फोकस

​बिहार सरकार की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बेहतर सड़कों, मजबूत पुलों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचनाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार इन सभी विकास योजनाओं को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारने के लिए निरंतर और त्वरित गति से कार्य कर रही है।

​594 करोड़ रुपये की लागत से चल रही हैं परियोजनाएं

​पथ निर्माण विभाग की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि दरभंगा जिले में सड़क और पुल निर्माण की कई महत्वपूर्ण और दूरगामी परियोजनाओं पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभाग द्वारा लगभग 594 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कुल 18 नई सड़कों और कई महत्वपूर्ण पुल परियोजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा, शोभन से एकमी घाट तक अत्याधुनिक 4-लेन सड़क का निर्माण तथा बेनीपुर बाईपास जैसी बड़ी परियोजनाएं इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आवागमन को एक पूरी तरह से नई दिशा प्रदान करेंगी।
​उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल भौतिक आधारभूत ढांचा तैयार करना भर नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक गरिमापूर्ण जीवन की सभी मूलभूत सुविधाएं सुगमता से पहुंचाना है।

​गरिमामयी उपस्थिति और समापन

​इस भव्य समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मियों, गणमान्य नागरिकों, मेधावी विद्यार्थियों और हजारों की संख्या में आए आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
​कार्यक्रम के अंत में पूरा स्टेडियम जय हिंद! और जय भारत! के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।