दरभंगा। जिले में शादी के मंडप में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दूल्हे को देखकर लड़की वाले दंग रह गए। मामला जाले थाना क्षेत्र के सिंघवाड़ा गांव का है, जहां राजस्थान से आई एक बारात को लड़की पक्ष ने बंधक बना लिया। परिजनों का आरोप है कि दलाल महिला ने उन्हें धोखे में रखकर उनकी बेटी का सौदा किया था।
दलाल का खेल: हिंदू के नाम पर मुस्लिम दूल्हा
लड़की की मां और चाचा के अनुसार, इकरा खातून नामक महिला दलाल ने एक हिंदू लड़के की फोटो दिखाकर रिश्ता तय किया था। लेकिन जब बारात पहुंची, तो सामने आया दूल्हा न सिर्फ दूसरी धर्म-जाति का था, बल्कि उम्र में काफी बड़ा (बुजुर्ग) भी था। परिजनों का आरोप है कि इकरा खातून ने ‘फेक आधार कार्ड’ बनवाकर मुस्लिम युवक को हिंदू बताया और शादी कराने की कोशिश की।
50 हजार में डील, ऑनलाइन मिले 20 हजार
इस मामले में पैसे के लेन-देन की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दलाल ने लड़की की मां को शादी के बदले 50,000 रुपये देने का वादा किया था, जिसमें से 20,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए गए। लड़की पक्ष का आरोप है कि यह शादी नहीं, बल्कि उनकी बेटी को राजस्थान ले जाकर बेचने की एक साजिश थी। उनका कहना है कि दलाल महिला लगातार उन पर शादी के लिए दबाव बना रही थी।
ग्रामीणों ने बारातियों को बनाया बंधक
जैसे ही धोखाधड़ी का पता चला, शादी की रस्में रोक दी गईं। लड़की वालों ने दूल्हे समेत दो महिलाओं और तीन अन्य लोगों को पकड़कर बंधक बना लिया। परिजनों ने बताया कि बारात में केवल छह लोग आए थे, जिससे उन्हें संदेह और गहरा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह गिरोह बिहार की लड़कियों की शादी राजस्थान के लड़कों से कराकर उन्हें वहां देह व्यापार या उत्पीड़न के दलदल में धकेल देता है।
पुलिस की कार्रवाई और पंचायत का हस्तक्षेप
घटना की सूचना मिलते ही जाले थाना प्रभारी संदीप कुमार पाल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुख्य आरोपी इकरा खातून और उसके साथियों समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, पंचायत के दौरान जब दूल्हे का आधार कार्ड जांचा गया, तो पंचायत ने उसके मुस्लिम होने से इनकार करते हुए उसे ‘महतो’ जाति का बताया। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क और ‘फेक आईडी’ के दावों की गंभीरता से जांच कर रही है।
जांच के दायरे में मानव तस्करी का एंगल
आरोपी महिला इकरा खातून खुद जाले की रहने वाली है और लंबे समय तक राजस्थान में रह चुकी है। उस पर आरोप है कि वह राजस्थान के लड़कों से पैसे लेकर बिहार में गरीब लड़कियों की शादियां करवाती है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह काम कर रहा है।

