गया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति परिषद (JJD) के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव एक बार फिर अपने खास अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। मोक्ष की भूमि गयाजी पहुंचे तेजप्रताप इस बार बिल्कुल अलग रूप में नजर आए। माथे पर चंदन का गहरा त्रिपुंड और शरीर पर गेरुआ वस्त्र धारण किए तेजप्रताप को देख उनके समर्थक भी उत्साहित हो गए। गया पहुंचने पर समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया, जिसके बाद वे सीधे बोधगया स्थित भूटान मंदिर के लिए रवाना हुए।

​वेब सीरीज में ‘संत’ की भूमिका की चर्चा

​तेजप्रताप यादव के इस गेरुआ अवतार के पीछे केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि अभिनय की दुनिया से जुड़े तार भी बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, तेजप्रताप एक वेब सीरीज में ‘संत’ की भूमिका निभा रहे हैं और इसकी शूटिंग बोधगया के भूटानी मंदिर में चल रही है। शूटिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मंदिर के भीतर बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राजनीति के साथ-साथ कला के प्रति तेजप्रताप का यह प्रेम नया नहीं है, वे पहले भी फिल्मों और कृष्ण रूप में नजर आकर सुर्खियां बटोरते रहे हैं।

​पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बेबाक राय

​एक तरफ देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर हाहाकार है, वहीं दूसरी ओर तेजप्रताप यादव खुद 6 गाड़ियों के काफिले के साथ गया पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे तेल की कीमतों पर सवाल किया, तो उन्होंने चुटीले अंदाज में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर कीमतें बढ़ी हैं, तो बढ़ी हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सुझाव का समर्थन किया जिसमें उन्होंने भविष्य के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है।

​मुख्यमंत्री के काफिले पर साधा निशाना

​वीआईपी कल्चर और काफिलों में गाड़ियों की लंबी कतारों पर प्रधानमंत्री की सलाह का स्वागत करते हुए तेजप्रताप ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ दे दिया। उन्होंने कहा कि काफिले में गाड़ियां कम करना एक अच्छी पहल है, लेकिन इसकी शुरुआत बिहार से होनी चाहिए। तेजप्रताप ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर एक मिसाल पेश करनी चाहिए।

​मंदिर विवाद और दर्शन पर स्पष्ट रुख

​विष्णुपद मंदिर में प्रवेश और दर्शन को लेकर होने वाले विवादों पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। तेजप्रताप ने स्पष्ट कहा कि मंदिर में दर्शन करने से किसी को नहीं रोकना चाहिए। उन्होंने मीडिया से कहा, मैं विष्णुपद मंदिर में दर्शन करने आया हूं, आप लोग भी दर्शन कीजिए। इसमें किसी को क्या दिक्कत हो सकती है?