Delhi AC Blast Incident: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रूह कंपाने वाले हादसे में 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत (9 people burnt alive)  हो गई। दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार (Delhi Vivek Vihar Fire Incident) में चार मंजिला बिल्डिंग में रविवार अल सुबह (लगभग 3 बजे) एसी में ब्लास्ट हो गया। देखते ही देखते आग ने बिल्डिंग की 6 फ्लैट को अपने आगोश में ले लिया। इसके बाद कोई बेड पर सोने के दौरान ही जिंदा जल गया। कोई भागते वक्त सीढ़ियों पर झुलसकर दम तोड़ दिया। हादसे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ के शव के नाम पर सिर्फ जले हुए कंकाल मिले।

दिल्ली एसी ब्लास्ट में जान गंवाने वाले लोगों में 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक 1.5 साल का बच्चा भी शामिल है। रेस्क्यू के दौरान 10 से 15 लोगों को बचाया गया। इनमें दो लोग घायल हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत सेकेंड फ्लोर पर एसी में ब्लास्ट से हुई, जिससे आग तेजी से फैल गई। तीसरे फ्लोर पर फंसे लोग छत की ओर भागे लेकिन बंद दरवाजे के कारण फंस गए और जलकर मौत हो गई। मृतकों की बॉडी इस हद तक झुलस गई है कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। फायर डिपार्टमेंड ने बताया कि तीन लोगों का शव बिस्तर पर मिला है, इसका मतलब आग इतनी भीषण थी कि उन्हें बिस्तर से उठने का भी मौका नहीं मिला और जलने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि की है और ये आंकड़ा बढ़ सकता है। पार्षद पंकज लूथरा ने बताया कि कुछ शव इतने बुरे तरह जल चुके हैं कि सिर्फ कंकाल बचा है। DNA टेस्ट के बाद ही मृतकों का पता चल पाएगा।

9 मृतकों के नाम सामने आए, लेकिन पहचान मुश्किल

इस हादसे में दूसरी मंजिल पर रहने वाले अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन, बेटे, निशांत जैन, अंचल जैन ( पत्नी निशांक जैन), आकाश जैन ( पुत्र निशांक जैन) की मृत्यु हो गई। वहीं पहली मंजिल पर रहने वाली शिखा जैन की भी मौत हो गई। जबकि तीसरी मंजिल पर नितिन जैन, उनकी पत्नी पत्नी शैले जैन और पुत्र सम्यकन जैन की मौत हो गई।

फॉरेंसिक टीम ने जमा किए साक्ष्य

फॉरेंसिक टीम और दमकल विभाग के अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हैं। इमारत में सुरक्षा इंतजामों की स्थिति भी जांच के दायरे में है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने खुद भी राहत कार्य में मदद करने की कोशिश की, लेकिन आग और धुएं की तीव्रता के कारण स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। अभी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 16 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। 9 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।

मारत में कुल आठ फ्लैट थे

इमारत में कुल आठ फ्लैट थे। चार आगे की ओर और चार पीछे की ओर। बताया जा रहा है कि पीछे वाले फ्लैट्स में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, क्योंकि वहां से निकलने का रास्ता सीमित था। कमरे में धुएं के कारण लोगों का दम घुट गया। घर के कुछ दरवाजे इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम के चलते बंद थे। सीढ़ियां भी संकरी थी, जिसकी वजह से लोग जल्दी इमारत से निकल नहीं सके।

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