दिल्ली में नागरिक नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना वसूली की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल होने की तैयारी में है। MCD इस दिशा में एक नया सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसे प्रस्तावित ‘जन विश्वास अधिनियम, 2026’ (Jan Vishwas Act, 2026) के तहत लागू किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था में मौजूदा ‘MCD 311 ऐप’ को अपग्रेड किया जाएगा और इसके साथ एक नया ‘बैकएंड पोर्टल’ (Backend Portal) भी जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत फील्ड अधिकारी निरीक्षण के दौरान मौके पर ही नियम उल्लंघन पर जुर्माना लगा सकेंगे। साथ ही, उसी समय उसका फोटो या अन्य डिजिटल सबूत सिस्टम में अपलोड किया जाएगा, जिससे रिकॉर्डिंग और वसूली की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सकेगी।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस नई व्यवस्था को लागू करने के तरीकों पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा की गई। पारंपरिक मैनुअल सिस्टम (Manual System) की जगह अब पूरी तरह डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नोटिस जारी करने, जुर्माना वसूलने और संबंधित लोगों तक नोटिस पहुंचाने जैसी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और कार्रवाई की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत फील्ड स्तर के अधिकारियों को MCD अधिनियम, 1957 के तहत उल्लंघनों के लिए मौके पर ही जांच करने और जुर्माना लगाने का अधिकार होगा। अगर कोई भुगतान नहीं करता है तो उसे अधिकारी के सामने पेश होना होगा। बकाया कर के तौर पर रकम वसूलने का भी प्रावधान है। अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में वसूली के लिए संपत्तियों को भी कुर्क किया जा सकता है।
यह डिजिटल पहल ‘जन विश्वास अधिनियम, 2026’ लागू होने के बाद सामने आई है। इस अधिनियम के तहत कई छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर उन पर केवल सिविल जुर्माने का प्रावधान किया गया है। हाल ही में जारी आदेश में नगर निगम ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सिविल जुर्माना लगाने के लिए अधिकृत प्राधिकारी बनाया है। वहीं, इन आदेशों के खिलाफ आने वाली अपीलों की सुनवाई के लिए डिप्टी कमिश्नरों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।
नगर निगम के अधिकारी के अनुसार, पहले पूरी प्रक्रिया मैन्युअल होने की वजह से हर मामले में प्रभावी तरीके से जुर्माना लगाना संभव नहीं हो पाता था। लेकिन व्यवस्था के पूरी तरह डिजिटाइज़ होने के बाद निगरानी, फॉलोअप और नियमों को लागू करना काफी आसान हो जाएगा। संशोधित व्यवस्था के तहत अधिकृत अधिकारियों को लोगों को नोटिस भेजने, उन्हें सुनवाई के लिए बुलाने, सबूतों की जांच करने और सिविल जुर्माना लगाने का अधिकार दिया जाएगा। वहीं, जुर्माने के आदेश के खिलाफ संबंधित व्यक्ति 30 दिनों के भीतर अपील कर सकेगा। अपीलीय अधिकारियों को ऐसे मामलों का निपटारा 60 दिनों के भीतर करना होगा। अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था को 15 मई को अधिसूचित किया गया था और नगर निकाय फिलहाल इसके तकनीकी और प्रशासनिक क्रियान्वयन पर काम कर रहा है।
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