देवघर। जसीडीह थाना क्षेत्र स्थित पगला बाबा दुर्गा मंदिर में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर की ऊपरी छत पर रंग-रोगन का काम कर रहे मजदूर भोला दास का अचानक पैर फिसल गया और वह कई मंजिल नीचे जा गिरे। गंभीर रूप से घायल भोला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रंग-रोगन के दौरान फिसला पैर
परिजनों के मुताबिक भोला दास पिछले कई दिनों से मंदिर की साज-सज्जा और रंग-रोगन के काम में जुटे थे। सोमवार सुबह वह मंदिर के सबसे ऊपरी हिस्से में काम करने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़े।हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
पहले जसीडीह CHC, फिर सदर अस्पताल रेफर
स्थानीय लोगों और दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों ने आनन-फानन में भोला दास को जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देवघर सदर अस्पताल रेफर कर दिया।सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मूर्ति निर्माण और सजावट का करते थे काम
भोला दास जसीडीह के रूप सागर मोहल्ले के रहने वाले थे। बताया गया कि वह कई वर्षों से मूर्ति निर्माण के साथ मंदिरों की सजावट और रंग-रोगन का काम करते आ रहे थे। दुर्गा पूजा को लेकर वह पगला बाबा दुर्गा मंदिर में भी तैयारियों का काम कर रहे थे।
पुलिस ने घटनास्थल की जांच की
घटना की सूचना मिलते ही जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार ने एएसआई कौशलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम को मौके पर भेजा। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी।
तीन बच्चों को छोड़ गए भोला दास
भोला दास की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ गए हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट होंगी। साथ ही मंदिर की ऊंचाई पर काम के दौरान मजदूर की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।



