दुर्ग। इस वर्ष प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय (डीटीई) द्वारा बीटेक प्रवेश के लिए ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ हो रही है। यह समय उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने पीईटी परीक्षा दी है और अब अपने भविष्य के लिए कॉलेज एवं ब्रांच का चयन करेंगे। डीटीई ने बीटेक काउंसिलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसके अनुसार प्रथम चरण की काउंसिलिंग 30 जून से प्रारंभ हो रही है।
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इस वर्ष व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा 14 मई को प्रवेश परीक्षा पीईटी आयोजित की गयी। इस परीक्षा में दुर्ग शहर के केंद्रों में 2362 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1951 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 411 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। दुर्ग शहर में लगभग 7 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं। जिससे विद्यार्थियों के पास अनेक विकल्प उपलब्ध है। ऐसे में केवल प्रवेश लेना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सही कॉलेज और सही ब्रांच का चयन करना अधिक महत्वपूर्ण है।

दो माह के लिए बंद रहेगा सिरसा गेट अंडर ब्रिज, पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग तलाशा
भिलाईनगर। रेलवे विभाग ने सिरसा गेट अंडर ब्रिज में आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य किए जाने के कारण दो माह तक अंडर ब्रिज मार्ग पूर्णतः बंद रहेगा। इस अवधि में यातायात व्यवस्था को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से आज यातायात पुलिस दुर्ग ने सिरसा गेट अंडर ब्रिज एवं आसपास के मार्गों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य प्रारंभ होने पर अंडर ब्रिज के दोनों ओर यातायात पूर्णतः बंद रखने तथा आवश्यक बैरिकेडिंग एवं ट्रैफिक स्टॉपर लगाने की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही आम नागरिकों एवं वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। अब छोटे वाहन (मोटरसाइकिल, कार एवं हल्के वाहन ) के लिए वैकल्पिक मार्ग चरोदा एच केबिन होते हुए जी केबिन अंडर ब्रिज मार्ग से सिरसा कला ग्राम जाएंगे।
रॉयल खालसा तिराहा – देवभोग- उरला अंडर ब्रिज – देवबलौदा मार्ग होंगे। कुम्हारी बीएमसी मील से ग्राम कुगदा अंडर ब्रिज मार्ग हैं। वहीं भारी वाहनो के लिए वैकल्पिक मार्ग की भी व्यवस्था की गई है। कुम्हारी – कांजी हाउस-मोतीपुर- आवरी ग्राम होते हुए सिरसा कला मार्ग से जाएंगे। यातायात पुलिस दुर्ग ने आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील कि है कि 1 जुलाई से 31 अगस्त तक सिरसा गेट अंडर ब्रिज मार्ग बंद रहने की अवधि में निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें।
गृहे गृहे यज्ञ अभियान के तहत मेड़ेसरा के 60 घरों में एक साथ होगा यज्ञ
दुर्ग। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में संचालित गृहे गृहे यज्ञ अभियान के अंतर्गत 29 जून को ग्राम मेड़ेसरा में एक विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। सुबह 48 बजे से गांव के 60 घरों में एक साथ वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न होंगे। आयोजन का संचालन गायत्री प्रज्ञापीठ नंदकट्ठी – बोड़ेगांव द्वारा किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यज्ञ संस्कृति को घर-घर तक पहुंचाना, परिवारों में आध्यात्मिक चेतना का विकास करना तथा समाज में सद्भाव, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है।
आयोजन की जानकारी देते हुए ऊषा केसरा ने बताया कि इस सामूहिक आयोजन के लिए 60 प्रशिक्षित यज्ञाचार्यों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक यज्ञाचार्य एक-एक घर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराएंगे। उन्होंने बताया कि यह अभियान पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के विचारों और जीवन-दर्शन से प्रेरित है। दोनों ने यज्ञ को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के सर्वांगीण उत्थान का प्रभावी माध्यम बताया है। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गृहे गृहे यज्ञ अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में गायत्री मंदिर धमधा के परिजन भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे और आयोजन को सफल बनाने में अपनी सेवाएं देंगे। आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। यज्ञ सामग्री, मंत्र- पुस्तिकाएं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित यज्ञाचार्यों को उपलब्ध करा दी गई हैं। आयोजकों के अनुसार गृहे गृहे यज्ञ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को भारतीय संस्कृति, नैतिक जीवन, स्वावलंबन, सेवा और संस्कारों से जोड़ना है।
यज्ञ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, मानसिक शांति, पारिवारिक सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं एवं गायत्री परिवार के परिजनों से इस पुण्य अभियान में सहभागी बनकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
बारदाना सप्लाई में गड़बड़ी, एक ही फर्म को दिया ठेका
राजनांदगांव। मार्कफेड कार्यालय इन दोनों शिकवा शिकायतों और वित्तीय गड़बड़ियों का केंद्र बना हुआ है। पता चला है कि राइस मिलरों से पुराने बिलों को पास करने की संदिग्ध भूमिका के बाद अब बारदाना सप्लाई में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर ऐसे फर्म को ठेका दे दिया गया है। जिसको कहीं कोई वारदाना सप्लाई का अनुभव नहीं है। इसके अलावा परिवहन ठेके में भी अब गड़बड़ी के साथ कमीशन बाजी के गंभीर आरोप लग रहे हैं। जानकारी के अनुसार मार्कफेड कार्यालय राजनांदगांव में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही है।
खबर है कि कांग्रेस शासन काल के पुराने बिलों को पास करने के लिए राइस मिलरों से सौदेबाजी की जा रही थी। जिससे बात बन गई उनके बिल पास हो गए। जहां बात नहीं बनी उन राइस मिलों के बिल अभी भी पेंडिंग पड़े हुए हैं। इसी बीच एक खबर या आई है कि मार्कफेड कार्यालय में वरदान परिवहन । के लिए भी ठेका हुआ है लेकिन यहां ठेका नियमों के खिलाफ जाकर किया गया है।
सरकार से जुड़े कुछ लोगों को उपकृत करने के लिए वारदाना की जिम्मेदारी दी गई है । इसमें भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है । पहले ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर भी गड़बड़ी की शिकायत है और अब बारदाना में भी लंबी चौड़ी गड़बड़ी किए जाने की खबर है।
बताया गया है कि राशन दुकानों से जो वारदाना उठाए जा रहे हैं उसकी भी जांच जरूरी है । कुल मिलाकर मार्कफेड कार्यालय राजनांदगांव में लगातार शिकायतें सामने आ रही है। सूत्रों ने बताया कि यहां पर हर बिल के पीछे कमीशन बाजी का भी खेल तेजी के साथ चल रहा है।
जानकारी देने में आनाकानी
खबर है कि मार्कफेड कार्यालय सरकारी दस्तावेज की जानकारी भी छिपा रहा है। जो जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए उन दस्तावेज को भी गोपनीय रखा गया है। जिसके कारण विभाग की भूमिका और संदेहास्पद हो जा रही है।।
मनगटा में युवती की मौत से नहीं हटा पर्दा
राजनांदगांव। मनगटा के एक रिसार्ट में हुई युवती की मौत के कारणों की गुत्थी अभी भी नहीं सुलझ पायी है। ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस को जांच के लिए भेजे गए बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल परिजन लगातार जांच की बात कहते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व मनगटा में एक युवती की संदेहास्पद मौत हो गई थी। युवती की मौत किन कारणों से हुई। यह मौत नहीं होकर हत्या है। इन सब बातों का खुलासा आज पर्यंत नहीं हो पाया है, क्योंकि पीएम रिपोर्ट में चिकित्सकों की स्पष्ट राय नहीं होने के कारण पुलिस किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पायी है, जिसके बाद बिसरा रिपोर्ट को जांच के लिए भेजा गया है।
अभी तक पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है। ऐसा माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। इस प्रकरण में अब तक तीन गिरफ्तार मनगटा में युवती के मौत के मामले में पुलिस ने दुष्कर्म होने का खुलासा किया है। इसके जो आरोपी थे, उनमें तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि घटनास्थल पर युवती सहित कुल 8 लोग मौजूद थे। चार लोग कौन थे? उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है।
शार्टेज के नाम पर 71 करोड़ की बताई जा रही धान की कमी
राजनांदगांव। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधीन आने वाले चार जिलों में धान सूखत के नाम पर 71 करोड़ की कमी बताए जाने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पायी है जबकि जांच में प्रारंभिक रूप से यह प्रमाणित हो गया है कि शार्टेज के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अंतर्गत राजनांदगांव से लेकर मोहला मानपुर, खैरागढ़ और कवर्धा जिले आते हैं। इन जिलों में धान खरीदी के बाद धान शार्टेज के नाम पर एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया गया है कि सभी चारों जिलों को मिलाकर 71 करोड़ का धान शार्टेज बताया गया है। जब शार्टेज का मामला सामने आया, तब प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए और जांच कराई गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी है।
खबर है कि जिन गाड़ियों का डीओ काटा गया उन गाड़ियों की धर्मकांटा में तौल होने पर सभी गाड़ी में 8 से 10 किलो धान अधिक पाया गया है। ऐसी स्थिति में धान का शार्टेज होना समझ से परे है, अगर शासन स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रूपये का नुकसान हो सकता है। राशि जमा कराई जा रही – भरत जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने बताया कि सोसायटियों में शार्टेज के मामले को गंभीरता से लिया गया है। अब सोसायटियों से शार्टेज की राशि जमा कराई जा रही है।
खेलो इंडिया हॉकी सेंटर का ट्रायल 1 जुलाई को
राजनांदगांव। खेल विभाग द्वारा संचालित खेलो इंडिया हॉकी सेंटर का ट्रायल आगामी 1 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। जिसमें महिला तथा पुरूष खिलाड़ी शामिल होंगे। खेल विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार 1 जुलाई को दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगा। जिन खिलाड़ियों की आयु दिनांक 01 जनवरी 2011 से 1 जनवरी 2017 के बीच है। वे ही इस चयन ट्रायल में भाग ले सकते हैं। साथ ही दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड, मार्कशीट की फोटो कापी, जन्म प्रमाण-पत्र की फोटो कापी तथा एक पासपोर्ट साईज फोटो लाना अनिवार्य है। इस चयन ट्रायल में प्रदेश भर के खिलाड़ी भाग लेंगे।
कोहलाटोला से गड़बंजा तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बदहाल
छुईखदान। विकास की तस्वीर बदलने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा बनाई जा रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की जमीनी हकीकत कोहलाटोला से गड़बंजा मार्ग पर पूरी तरह उलट नजर आ रही है ब्लॉक मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम पंचायत कोहलाटोला के आश्रित ग्राम गड़बंजा तक जाने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क इन दिनो बद से बदतर स्थिति में पहुंच गई है सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे कीचड़ और उखड़ी हुई सतह के कारण ग्रामीणो का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
ग्रामीणो का आरोप है कि सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित विभाग एवं अधिकारियो को दी जा चुकी है लेकिन अब तक कोई समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नही उठाया गया लगातार अनदेखी के कारण लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है यह मार्ग गांव के सैकड़ो लोगो की जीवनरेखा है, प्रतिदिन सरकारी कर्मचारी, छात्र-छात्राए किसान, मजदूर तथा अन्य ग्रामीण इसी सड़क से होकर ब्लॉक मुख्यालय और शहर तक पहुंचते है।
सड़क की खराब हालत के कारण लोगो को जान जोखिम मे डालकर सफर करना पड़ रहा है विशेष रूप से स्कूली बच्चो को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है जगह-जगह कीचड़ और पानी भर जाने से दोपहिया वाहन फिसल रहे है तथा राहगीरो के गिरने की घटनाए लगातार सामने आ रही है।
ग्रामीणो का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद रोजाना बच्चे इस सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे है लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी गहरी नींद मे सोया हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण कार्य लगभग दो वर्ष पूर्व प्रारंभ किया गया था लेकिन ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इसके बाद न तो निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया और न ही संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई की गई इससे यह आशंका और मजबूत होती है कि विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। और ठेकेदार को संरक्षण दिया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य गांवो को हर मौसम मे बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है लेकिन कोहलाटोला से गड़बंजा मार्ग की स्थिति इस उददेश्य के विपरीत दिखाई देती है करोड़ो रुपये की योजनाओ के बावजूद ग्रामीण आज भी मूलभूत सड़क सुविधा के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
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